लखनऊ। राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित श्री महाकाल मंदिर से शुक्रवार को बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली गई। डमरू, ढोल-नगाड़ों और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच भक्त पूरे उत्साह से यात्रा में शामिल हुए। पालकी रानीगंज नाका चौराहा होते हुए वापस मंदिर पहुंची। इस दौरान अघोरी साधु आकर्षण का केंद्र रहे। वे पूरे रास्ते भस्म से खेलते नजर आए। यात्रा के व्यवस्थापक प्रांजल अग्रवाल ने बताया कि आयोजन में उज्जैन की परंपरा का पालन किया गया। यात्रा से पहले बाबा महाकाल का रुद्राभिषेक और श्रृंगार किया गया। उन्हें 56 भोग अर्पित करने के बाद विशेष आरती हुई। इसके बाद पालकी यात्रा शुरू हुई। रास्ते में जगह-जगह भक्तों ने फूल बरसाकर पालकी का स्वागत किया और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाए।
प्रजा का हाल जान निकले महाकाल
पुजारी कौटिल्य दुबे ने बताया कि कई वर्षों से बाबा महाकाल सावन के पवित्र महीने में नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं। भक्तों को दर्शन देकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं। पूरे सावन माह में मंदिर में बाबा महाकाल की आरती और विधिपूर्वक पूजा होती है। नगर भ्रमण पर निकलने का मुख्य उद्देश्य होता है की प्रजा का हाल जानना। मान्यता है कि जो कोई भी इस यात्रा में शामिल हो और अगर उसके व्यापार में कोई रुकावट हो या जीवन में परेशानी हो तो तमाम कष्ट दूर होते हैं।





