back to top

भौम प्रदोष व्रत 28 को, होगी शिवजी की पूजा

भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करनी चाहिए
लखनऊ। प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। साथ ही साथ वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहती है। साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद भी बना रहता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करनी चाहिए। साथ ही विधि विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष में। आइए जानते हैं वैशाख मास का दूसरा प्रदोष व्रत कब है। साथ ही जानें पूजा के लिए प्रदोष काल का शुभ समय और प्रदोष व्रत की पूजा विधि। पंचांग की गणना और पंड़ित राकेश झा की गणना के अनुसार, त्रयोदशी तिथि का आरंभ 28 अप्रैल को शाम में 6 बजकर 51 मिनट पर होगा और 29 अप्रैल को शाम में 7 बजकर 51 मिनट पर तिथि समाप्त होगी। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में पूजा करने का महत्व है। ऐसे में 28 अप्रैल को ही प्रदोष व्रत रखना शास्त्र सम्मत है क्योंकि, 28 अप्रैल को प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में व्याप्त है। इस दिन मंगलवार है इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। वैसे तो दोनों ही दिन प्रदोष काल व्याप्त हो रहा है।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
वैशाख शुक्ल त्रयोदशी तिथि का आरंभ 28 अप्रैल को शाम में 6 बजकर 51 मिनट पर
वैशाख शुक्ल त्रयोदशी तिथि समाप्त 29 अप्रैल को शाम में 7 बजकर 51 मिनट पर
सूर्यास्त के समय से लेकर डेढ़ घंटे पहले तक के समय के बीच में आप पूजा कर सकते हैं।

प्रदोष व्रत का महत्व

ऐसी मान्यता है कि वेदों को जानने वाले भगवान भक्त महर्षि सूत ने इस व्रत के महत्व को बताया था। उन्होंने कहा था कि कलियुग में जब मनुष्य धर्म के आचरण से हटकर अधर्म की राह पर जा रहा होगा और हर तरफ अन्याय और अनाचार का बोलबाला होगा, उस समय प्रदोष व्रत ही ऐसा व्रत होगा जो मानव को शिव की कृपा का पात्र बनाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि मनुष्य के सभी प्रकार के कष्ट और पाप इस व्रत को करने से नष्ट हो जाएंगे। इसीलिए इस दिन भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है।

भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि
प्रदोष व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद सूर्य को जल अर्पित करके व्रत का संकल्प लें। शाम में प्रदोष काल में पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल, जल, शहद, दूध से अभिषेक करें। अब शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, शहद, दूध, गंगाजल आदि से अभिषेक करें। अब भगवान शिव और माता पार्वती के सामने हाथ जोड़कर भगवान शिव के मंत्रों का जप करें। इसके बाद उन्हें भोग लगाएं और भौम प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।

RELATED ARTICLES

बगलामुखी जयंती 24 को, विधि-विधान से होगी देवी की पूजा-अर्चना

इसी तिथि पर उनका प्राकट्य हुआ थालखनऊ। बगलामुखी जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाती है। बगलामुखी देवी को...

जीवन में कर्म और ज्ञान दोनों का सामंजस बेहद जरूरी: अनंतानंद सरस्वती

धर्म का अर्थ अपने कर्तव्य को नैतिकता से निभानालखनऊ। ज्ञान और कर्म साथ चलते हैं ज्ञान के साथ किया गया कर्म ही हमें मुक्ति...

सनातनी मातृशक्तियां आज करेंगी बाबा सोमनाथ का दिव्य और भव्य दर्शन

सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में मातृशक्तियां पहुंची सोमनाथ लखनऊ । ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की...

मिट्टी की बनी बोतलें और घड़े कर रहे देशी फ्रिज का काम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मवैय्या क्षेत्र में इन दिनों लोगों की अच्छी भीड़ नजर आ रही है। वजह यह है कि...

‘यूपी वाली, बिहार वाली’ का ट्रेलर रिलीज

एक हादसा पूरे घर की खुशियां छीन लेता हैलखनऊ। भोजपुरी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस रानी चटर्जी और संजना पांडेय जल्द ही अपकमिंग फिल्म 'यूपी...

नारी शक्ति वंदन के तहत हुआ पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन

नारी सम्मान के प्रति सकारात्मक संदेश देता है लखनऊ। बुधवार को नारी शक्ति वंदन के अंतर्गत बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व एवं...

लखनऊ में सजेगा राष्ट्रचेतना का महापर्व रश्मिरथी

24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (ज्यूपिटर हॉल) में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजनलखनऊ। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि के...

वैदिक काल से ही महिलाओं ने नेतृत्व की भूमिका निभाई है : प्रो. कुमकुम धर

भातखण्डे में भारतीय न्याय संहिता एवं ई-एफआईआर तथा महिलाओं के नेतृत्व में विकास विषयक संवाद का आयोजन लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज भारतीय...

जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे. . . से गूंजा नटुकुर मैदान

उमड़ा 15 हजार से अधिक राम भक्तों का जनसैलाब, भजन सम्राट कन्हैया मित्तल ने दी मनमोहक प्रस्तुति लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ. राजेश्वर...