back to top

कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव का अभी सही आकलन कर पाना मुश्किल : आरबीआई

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव का सही आकलन करना मुश्किल है क्योंकि अभी नई स्थितियां उभर ही रही हैं। आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा, कोविड-19 महामारी से जुड़ी स्थितियां अभी तेजी से उभरती जा रही हैं। ऐसे में इसके पूर्ण वृहत आर्थिक प्रभाव का सही आकलन करना मुश्किल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 और उसकी रोथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभावों के बारे में नव केंसवादी मान्यताओं वाले तैयार गतिशील संभाव्यताओं पर आधारित सामान्य संतुलन (डीएसजीई) के मॉडल से एक अस्थाई और मोटा आकलन प्राप्त होता है। इस मॉडल के तहत यह माना गया कि संक्रमण के मामले अगस्त 2020 में उच्च स्तर पर होंगे और जब अर्थव्यवस्था सर्वाधिक प्रभावित होगी और अर्थव्यवस्था की संभावनाओं की तुलना में वस्तविक उत्पादन 12 प्रतिशत कम हो जाएगा।

इस माडल में को तीन आर्थिक अभिकर्ताओं..परिवार, कंपनी और सरकार रख कर आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन में लोगों (परिवार) को घर पर रहना पड़ रहा है, इससे कंपनियों के लिए श्रमिकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। गैर-जरूरी सामानों के उपलब्ध नहीं होने और आय कम होने से खपत घटी। लोगों के मिलने-जुलने पर प्रतिबंध से महामारी का प्रसार थमता है। आरबीआई ने कहा कि मॉडल में दूसरो परिदृश्यों की कल्पना की गई है।

पहला, लॉकडाउन एक से श्रमिकों की आपूर्ति और उत्पादकता कम होने से अर्थव्यवस्था के आपूर्ति पक्ष पर असर पड़ता है। दूसरी स्थिति, लॉकडाउन दो है। इसमें सीमांत लागत में वृद्घि पर विचार किया गया है। दोनों ही परिदृश्य में मुद्रास्फीति में कमी की संभावना देखी गई। दूसरी स्थिति में कंपनियां लाभ पर असर होने के कारण उत्पादन कम करेंगी। वेतन में कम वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर गिरावट होगी।

आरबीआई ने कहा, हालांकि इस परिदृश्य में महामारी से ठीक होने की दर तीव्र होती दिखती है। इसका कारण लोगों के बीच संपर्क के अवसरों का सीमित होना है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके उलट पहली स्थिति में उत्पादन में कटौती कम दिखती है पर इससे संक्रमण में वृद्धि के कारण मांग में संकुचन ज्यादा होने की की संभावना है।

इस प्रकार, लॉकडाउन के परिदृश्य में अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट आती है लेकिन महामारी के मोर्चे पर सुधार अधिक तेजी से होता है। तीसरा परिदृश्य यह माना गया है जिससमें सरकार लॉकडाउन नहीं लगती है और महामारी अधिक व्यापक होती। इस स्थिति में जनवरी 2021 के दूसरे पखवाड़े में संक्रमण उच्चतम स्तर पर होता और इससे ठीक होने की दर धीमी होती।

आरबीआई ने कहा, इस स्थिति में श्रम की कमी निरंतर बनी रहती और आपूर्ति झटकों के कारण मुद्रास्फीति तथा उत्पादन अंतर पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ता। इससे एक तरफ जहां मुद्रास्फीति निरंतर बढ़ती हुई होती वहीं संभावित उत्पादन में गिरावट की प्रवृत्ति होती।

रिपोर्ट के अनुसार, संक्षेप में, लॉकडाउन के बिना कोवि-19 आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित करती। यह मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि और उत्पादन के स्थाई नुकसान का कारण बनता। लॉकडाउन दो की स्थिति जो वास्तविकता के करीब जान पड़ती है, में 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में गिरावट निचले स्तर तक पहुंचती है और इसके बाद वृद्धि में 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही से सकारात्मक बढ़ोतरी के साथ इसमें (आर्थिक गतिविधियों) धीरे-धीरे सुधार आता है।

RELATED ARTICLES

पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में बोले सीएम योगी- पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार सृजन से जोड़कर आगे बढ़ाएं

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि पर्यटन विकास को केवल आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक...

तमिलनाडु में 18,600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी एलएंडटी, समझौते पर हस्ताक्षर

चेन्नई। बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने तमिलनाडु सरकार के साथ 18,600 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाओं...

भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूती पर जोर, पीएम मोदी से मिलीं डेल्सी रोड्रिगेज

नई दिल्ली। पांच दिवसीय दौरे पर भारत आईं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तृत और...

महतारी शब्द में निहित है वात्सल्य का अद्भुत भाव : रामभद्राचार्य

श्रीराम कथा का चतुर्थ दिवस : तजहु तात यह रूपा कहने पर शिशु बने श्रीरामलखनऊ। पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने नौ दिवसीय संगीतमय...

पुरुषोत्तम मास की भानु सप्तमी 7 को , बनेंगे वैधृति, विष्कम्भ और द्विपुष्कर योग

लखनऊ। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को रविवार का विशेष संयोग बनने जा रहा है, इसलिए इसे भानु सप्तमी कहा जा...

आकर्षण का केंद्र बनेगा लखनऊ का हुस्नआरा आम

लखनऊ। आम की यह खास वैरायटी राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में पैदा होती है। इसी क्रम में एक बार फिर लखनऊ में दुनिया...

श्रद्धा और उल्लास के साथ मना खाटू श्याम मंदिर का वार्षिक उत्सव

फूलों एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया मंदिरलखनऊ। गोमती नगर विस्तार स्थित खाटू श्याम मंदिर में वार्षिक उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया...

आरएसएस का भव्य पथ संचलन, नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

शिक्षार्थियों द्वारा एक भव्य पथ संचलन का आयोजनलखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम प्रशिक्षण के अन्तर्गत आज...

उत्तर प्रदेश में एक साथ 206 पीपीएस अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट कौन कहां गया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शासन ने प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) संवर्ग के 206 अधिकारियों का बड़े...