-
मुख्यमंत्री ने दिया 98,743 नयी इकाइयों को 2,447 करोड़ का लोन
-
टेक्नोलाॅजी के लिए एमएसएमई विभाग और एकेटीयू के बीच हुआ एमओयू
-
ऑनलाइन प्लेटफार्म ई-बे से भी हुआ करार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ सभी सम्भावनाओं को गति देने का प्रयास कर रही है। लोगों को रोजगार देकर उन्हें स्वावलम्बी बनाना मौजूदा सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने यहां अपने सरकारी आवास पर नई एमएसएमई इकाइयों के लिए आयोजित लोन वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 98,743 नयी इकाइयों को 2,447 करोड़ रुपये के लोन ऑनलाइन वितरित किये।
उन्होंने एमएसएमई विभाग द्वारा चलायी जा रही हस्तशिल्पियों के कौशल विकास की प्रशिक्षण योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए प्रशिक्षण योजना और ओडीओपी-विपणन प्रोत्साहन योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया का भी शुभारम्भ किया।
योगी के सामने प्रदेश में नाॅलेज और टेक्नोलाॅजी के आदान-प्रदान के मकसद से एमएसएमई विभाग और एकेटीयू के बीच एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को ज़्यादा से ज़्यादा ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म पर लाने के मकसद से ई-बे के साथ भी एमओयू अभिलेखों का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के तहत 13 काॅमन फैसिलिटी सेंटर का शिलान्यास और प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एसाइड व निर्यात अवस्थापना योजना के तहत 06 सामान्य सुविधा केन्द्रों (सीएफसी) का लोकार्पण किया।
उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही अलग-अलग स्वरोजगार कार्यक्रमों प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम, ‘एक जनपद, एक उत्पाद’, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थियों को चेक भेंट किया।
योगी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण जब आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित तब इन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अलग-अलग तबके के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने आर्थिक पैकेज का बेहतर उपयोग किया है। इसके माध्यम से उद्यमियों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्थानीय पारम्परिक उद्योगों को आगे बढ़ाने और छोटे उद्योगों को एक क्लस्टर के रूप में विकसित करने के मकसद से राज्य सरकार द्वारा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना सफलतापूर्वक चलायी जा रही है।
इस योजना के तहत क्लस्टर में पारंपरिक उद्योगों को काॅमन फैसिलिटी उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है। इस मकसद से काॅमन फैसिलिटी सेण्टर का निर्माण कराया जा रहा है।
योगी ने सामान्य सुविधा केन्द्रों से जुड़े प्रवर्तक और सुविधा केन्द्रों चलाने वाली संस्थाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सम्भावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश के नौजवानों को स्वावलम्बी बनाकर उनकी ऊर्जा का सही इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे प्रदेश का नवनिर्माण होगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस में भी सम्भावनाओं को तलाश रही है। इसके मद्देनज़र एमएसएमई सेक्टर के उद्यमियों को लोन बांटा जा रहा है।
बता दें कि 14 मई को आयोजित ऑनलाइन लोन मेला में लगभग 57 हजार नई इकाइयों को को 2 हजार 2 करोड़ 49 लाख रुपये का लोन ऑनलाइन बांटा गया था। इसी तरह 26 जून को प्रधानमंत्री के कर कमलों से लगभग 01 लाख 35 हजार नई इकाइयों को लगभग 45 हजार करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत एवं वितरित किये गये। इस तरह से प्रदेश में अब तक 02 लाख 71 हजार 743 नई इकाइयों को लगभग 8,949 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किये गये हैं।





