लखनऊ। आर्टेलिया इंस्टीट्यूट आॅफ फाइन आर्ट में दो दिवसीय लिप्पन आर्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन 25 जुलाई को हुआ और समापन 26 जुलाई को सम्पन्न होगा। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को पारंपरिक लिप्पन कला की तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके रचनात्मक कौशल का विकास करना है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को लिप्पन आर्ट के इतिहास, डिजाइन निर्माण, रिलीफ वर्क, मिरर वर्क एवं फिनिशिंग की व्यावहारिक जानकारी दिया जा रहा है । प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कलाकृतियाँ तैयार कर भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। कार्यशाला में पूरे लखनऊ जनपद के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया है। कार्यशाला के संयोजक राहुल गौतम हैं। प्रशिक्षकों में सुजाता, अंशु, सुमेधा एवं रिया ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। संस्थान के निदेशक अरेंद्र चौधरी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य पारंपरिक एवं समकालीन कला के संरक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने प्रतिभागियों के कार्य की सराहना की। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।





