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गिग व्यवस्था से डिलीवरी कर्मियों पर दबाव नहीं: दीपिंदर गोयल

नयी दिल्ली। गिग कर्मचारियों की कमाई और कामकाजी परिस्थितियों को लेकर जारी बहस के बीच एटरनल के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपिंदर गोयल ने कहा कि यह व्यवस्था डिलीवरी करने वाले कर्मियों पर दबाव नहीं डालती तथा लचीले कार्य घंटे और कल्याणकारी सुविधाएं गिग कार्य को अनेक लोगों के लिए आय का भरोसेमंद साधन बनाती हैं। एटर्नल के पास खाद्य आपूर्ति कंपनी जोमैटो और क्विक-कॉमर्स फर्म ब्लिंकिट का स्वामित्व है। गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गिग कर्मियों के संगठन बेहतर भुगतान और कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

गोयल ने सामाजिक माध्यम एक्स पर लिखा, वर्ष 2025 में जोमैटो और ब्लिंकिट ने डिलीवरी करने वाले सहयोगियों के लिए बीमा सुरक्षा पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। वर्ष 2025 में जोमैटो पर एक डिलीवरी सहयोगी की औसत प्रति घंटे की कमाई (उपदान को छोड़कर) 102 रुपये रही, जबकि वर्ष 2024 में यह 92 रुपये थी। यह वार्षिक आधार पर लगभग 10.9 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने दावा किया कि 10 मिनट में सामान पहुंचाने का वादा गिग कर्मियों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं डालता।

गोयल ने कहा कि लचीले कार्य समय और कल्याणकारी सुविधाएं गिग कार्य को अनेक लोगों के लिए आय का विश्वसनीय स्रोत बनाती हैं। हालांकि, उनकी इन टिप्पणियों पर सामाजिक माध्यमों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई उपयोगकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 10 मिनट की समय सीमा पूरी करने के लिए गिग कर्मी तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हैं तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं। गिग एवं मंच आधारित सेवा कर्मी संघ ने पिछले महीने श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर कई मुद्दे उठाए थे। इनमें प्रमुख मांग कर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 10 से 20 मिनट में वस्तु पहुंचाने की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने की थी।

गोयल ने भारत की गिग अर्थव्यवस्था के लिए कम नियमन की भी पैरवी की और कहा कि इससे अंतत: अधिक लोगों को संगठित कार्यबल में लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, हमारे मंच पर डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों से अत्यधिक काम नहीं कराया जाता। वर्ष 2025 में जोमैटो पर एक औसत डिलीवरी कर्मियों ने पूरे वर्ष में 38 दिन और प्रति कार्य दिवस लगभग सात घंटे काम किया। यह तय समय सारिणी के बजाय वास्तविक गिग-शैली की भागीदारी को दर्शाता है। केवल 2.3 प्रतिशत सहयोगियों ने वर्ष में 250 दिनों से अधिक कार्य किया। गिग भूमिकाओं के लिए भविष्य निधि या सुनिश्चित वेतन जैसे पूर्णकालिक कर्मचारी लाभों की मांग इस व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।

एटरनल के संस्थापक ने कहा कि अधिकांश डिलीवरी वाले कर्मी महीने में कुछ ही दिनों और कुछ ही घंटों के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन 10 घंटे और महीने में 26 दिन कार्य करता है, तो उसकी सकल आय लगभग 26,500 रुपये प्रतिमाह होती है। र्इंधन और रखरखाव पर होने वाले खर्च (लगभग 20 प्रतिशत) घटाने के बाद उसकी शुद्ध आय करीब 21,000 रुपये प्रतिमाह रह जाती है। नवंबर में केंद्र सरकार ने सभी चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया, जिससे गिग कर्मियों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज सहित व्यापक सुधारों का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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