लखनऊ। जनभवन, उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेर्शों के अनुपालन में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में स्थापित महिला अध्ययन केंद्र द्वारा आज 13 जुलाई को नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित सुजान सभागार में किया गया। टीकाकरण कार्य यूसीएससी रेड क्रॉस अस्पताल, कैसरबाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा संपन्न कराया गया।
इस स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसे गंभीर रोगों से बचाव हेतु टीकाकरण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 02 छात्राओं का एचपीवी टीकाकरण किया गया। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक सामान्य वायरस है, जो मुख्यत: त्वचा एवं जननांगों को प्रभावित करता है तथा दीर्घकाल में सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले एचपीवी वायरस (विशेषत: टाइप 16 एवं 18) के कारण होते हैं। एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है तथा समय पर टीकाकरण कराने से कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह टीका 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है तथा इस आयु वर्ग में इसे नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह ने बताया कि माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं तथा उनके द्वारा समय-समय पर बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन हेतु महत्वपूर्ण निर्देश प्राप्त होते रहते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि छात्राओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। एचपीवी टीकाकरण जैसे कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य संरक्षण सुनिश्चित करते हैं, बल्कि एक जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुलसचिव एस. पी. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के समग्र विकास के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एचपीवी टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम विद्यार्थियों को गंभीर रोगों से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संयोजन महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक एवं विश्वविद्यालय की सहायक आचार्य (नृत्य) डॉ. रुचि खरे द्वारा किया गया, जिसके अंतर्गत यह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शोधार्थी डॉली तिवारी एवं श्रुति तिवारी ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ नारी सशक्त परिवार स्वस्थ समाज के संदेश के साथ हुआ तथा सभी को टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने एवं दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया गया।





