कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान श्रद्धापूर्वक संपन्न
उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज मंगल पद विहार करते हुए गोमती नगर से चारबाग पहुँचे
लखनऊ। डालीगंज दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को मुनिश्री 108 सौम्यसागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 सुबोधसागर जी महाराज के सान्निध्य में कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। विधान में भगवान पार्श्वनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की।
कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ को 44 अर्घ्य समर्पित किए जाते हैं। विश्व शांति, अहिंसा, मैत्री एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगलकामना के साथ श्रद्धालुओं ने पीतवस्त्र धारण कर भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित किए। इस अवसर पर विकास जैन, रितेश जैन, वीर कुमार जैन, पारस जैन, मनीष जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। उधर दूसरी तरफ उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज का मंगल पद विहार गोमती नगर दिगंबर जैन मंदिर से चारबाग दिगंबर जैन मंदिर के लिए संपन्न हुआ। चारबाग दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य गुरुवर ने धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला तथा श्रद्धालुओं को आगामी 16 जुलाई 2026 को आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में होने वाले भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुवर के मंगल प्रवचनों का लाभ प्राप्त किया तथा आगामी मंगल प्रवेश कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।





