-श्री परमानंद हरिहर मंदिर की पंचम वर्षगांठ पर आस्था के केन्द्र बने वरदानी बाबा
लखनऊ। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में श्री परमानंद हरि हर मंदिर की पंचम वर्षगांठ के पावन अवसर पर मंगलवार 14 जुलाई को अमावस्या, पर भारत वर्ष के उत्थान एवं विश्व शान्ति के लिए, हवन-पूजन का आयोजन, देवा रोड स्थित मंदिर परिसर में किया गया। सामूहिक सुंदरकाण्ड का पाठ और भजन-कीर्तन के उपरांत भव्य भंडारा भी हुआ।
मंदिर की संस्थापिका और सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के अनुसार इस मंदिर की स्थापना 10 जुलाई 2021 को अमावस्या के अवसर पर की गई थी। दरअसल इस मंदिर के निर्माण की प्रेरणा उन्हें अपने स्वप्न में हुई थी इसलिए उनके द्वारा ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की स्थापना कर सनातन जागृति का वृहद कार्य किया जा रहा है। विश्व में भारतवर्ष को दोबारा विश्व गुरु की पहचान मिले, इसलिए उनके द्वारा प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुंदरकांड महा अभियान बने भारत वर्ष की पहचान का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरि हर मंदिर अपने स्वरूप के कारण भी निराला है क्यों कि इस मंदिर में हरि और हर दोनों स्थापित है इसलिए यह मंदिर का भक्तों में श्री परमान्द हरि हर मन्दिर के रूप में लोकप्रिय है। मंदिर परिसर में चूंकि बाबा अपने भक्तों की प्रार्थनाएं पूरी करते हैं इसलिए मंदिर में महादेव जी, वरदानी बाबा के रूप में स्थापित हैं। बाबा वरदानी के साथ ही मंदिर परिसर में प्रभु राम का दिव्य दरबार, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, दक्षिणमुखी हनुमान महाराज और शनि महाराज जी की प्रतिमाएं विराजमान हैं।
सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल का एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उस अनुष्ठान में पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था। बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के दूरस्थ जिलों तक में बड़े स्तर पर सुंदरकांड पाठ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। 11 सितम्बर 2024 से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक वहां 14 सामूहिक सुंदरकांड पाठ करवाए जा चुके हैं। दूसरी ओर सेवा परमो धर्म: को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है। इस क्रम में उनका आगामी भव्य और दिव्य संकल्प है कि वह शहर में 11 हजार महिलाओं का सामूहिक सुंदरकांड पाठ करवाएं।





