कोटा। राजस्थान के झालावाड़ में पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने, अनुबंध के आधार पर रोजगार दिलाने और विभागीय तबादले कराने का झांसा देकर करीब 150 अभ्यर्थियों से कथित रूप से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पिछले सप्ताह शुक्रवार को कोतवाली थाने में इस संबंध में शिकायत मिली थी।
शिकायत पर कार्वाई करते हुए पुलिस ने सोमवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को कथित तौर पर विभिन्न सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पद दिलाने का भरोसा देकर फंसाया। इसके लिए वे प्रत्येक उम्मीदवार से 30 से 50 हजार रुपये तक अग्रिम राशि लेते थे।
शिकायत मिलने के बाद उपनिरीक्षक विजय सिंह ने प्रारंभिक जांच की और संदिग्धों की निगरानी शुरू की। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संदिग्धों के घरों पर लगातार कई अनजान युवक आ-जा रहे थे। प्रारंभिक जांच के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद के निर्देश पर क्षेत्र अधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
थाना प्रभारी (एसएचओ) मुकेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान झालावाड़ जिले के निवासी अब्दुल रऊफ (55) और सद्दाम (35) के रूप में हुई है। आरोपियों से जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों में कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ-साथ धोखाधड़ी से किए गए लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी अपनी योज्ञता के आधार पर नौकरी हासिल कर लेता था, तो गिरोह झूठा दावा करता था कि चयन उसने कराया है और तय की गई बाकी राशि वसूल लेता था। वहीं, यदि कोई अभ्यर्थी चयनित नहीं हो पाता था तो गिरोह कथित तौर पर ली गई अग्रिम राशि अपने पास रख लेता था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने कथित तौर पर करीब 100 से 150 अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) हर्षराज सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को सोमवार शाम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश
दिया गया।





