फिरोजाबाद । टूंडला में तैनात तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर उत्पीड़न और अनुचित दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, शुक्रवार देर शाम तक इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तहसीलदार राखी शर्मा का आरोप है कि उनसे कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट को “मनमाफिक तरीके” से प्रस्तुत करने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके साथ प्रताड़ना शुरू कर दी गई। शर्मा के अनुसार, यह उत्पीड़न पिछले करीब नौ महीनों से जारी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उनका वेतन रोक दिया गया और उनके सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई। बाद में, अदालत के आदेश पर उनका वेतन जारी किया गया, लेकिन उनके खिलाफ कई जांचें शुरू कर दी गईं, जिससे मानसिक दबाव बना रहा।
राखी शर्मा ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिलाधिकारी के ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) ने उनसे एक आईफोन की मांग की थी, जिसे उन्होंने उपलब्ध कराया और वह वर्तमान में जिलाधिकारी द्वारा उपयोग में है।
इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।
तहसीलदार ने अपने तबादले को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनका तबादला टूंडला से शिकोहाबाद कर दिया गया है, लेकिन अब तक उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
इसी बीच, राखी शर्मा ने एक स्थानीय समाचार चैनल के संवाददाता के खिलाफ टूंडला थाने में धमकी देने का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
फिलहाल, जिलाधिकारी रमेश रंजन से संपर्क नहीं हो सका है और उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की सत्यता और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।





