फैजुल्लागंज में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में करीब 200 से 300 लोग वायरल फीवर के चपेट में है। सरकारी अस्पतालों के साथ कई मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग बुखार व डेंगू की चपेट में है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। हर तरफ गंदगी का अंबार है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज अग्रवाल का कहना है कि फैजुल्लागंज क्षेत्र के केशव नगर निकट ब्रहमदेव मन्दिर एवं श्याम विहार नगर के आस-पास में 100 घरों में फीवर ट्रेकिंग एवं सर्वे का कार्य कराया गया। क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 65 लोगों की जांच व इलाज कर उन्हें दवाएं दी गयी। टीम ने सोमवार को 1444 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया।
मच्छरजनित स्थितियां पाए जाने पर 7 लोगों को नोटिस जारी किया गया। नगर निगम की संयुक्त टीमों ने मलका खेती फाटक गो-गो आईसक्रीम हैवट रोड, एफ-ब्लाक नियर अतुल दीक्षित हाउस, सेक्टर-क्यू विन्ध्यांचल मन्दिर, संजय गॉधी पुरम ढाल कसैलया, आजादनगर नियर मेट्रो स्टेशन अमौसी, गऊघाट पम्पिंग स्टेशन शान्तीनगर मल्लाही टोला प्रथम, दयाल रेजीडेन्सी गेट, अम्बेडकर विश्वविधालय शहीद पथ के आस-पास लार्वा रोधी रसायन एवं फागिंग करायी और लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी।
जन आरोग्य केन्द्रों पर डॉक्टर ही करेंगे
खून की जांचवरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जन आरोग्य केन्द्रों खून की जांच का जिम्मा डॉक्टरों को ही सौंपा गया है। वह ही मरीज के रक्त का सैम्पल लेकर जांच करेंगे। यह आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी किया गया है। दरअसल शहरी क्षेत्र में 68 जन आरोग्य केंद्र तो बना दिये गये हैं लेकिन अभी तक यहां लैब टेक्नीशियनों की तैनाती नहीं हो पायी है। सीएमओ ने कहा कि केंद्रों पर लैब टेक्नीशियनों के न होने पर पहले डॉक्टर अपने नजदीकी पीएचसी पर तैनात एलटी से खून की जांच व नमूना लेने का प्रशिक्षण प्राप्त करें। इसके बाद अपने केंद्र पर आने वाले मरीजों की जरूरी खून की जांचें भी करें।





