किशोर कुमार का हर रंग छा गया
लखनऊ। रंगभारती द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 4 अगस्त को फिल्म-जगत के महान गायक एवं बहुमुखी कलाकार स्व. किशोर कुमार की जयन्ती रवीन्द्रालय प्रेक्षागृह, चारबाग, लखनऊ में आज धूमधाम से मनाई गई। किशोर कुमार की 97वीं जयंती के इस अवसर पर रंगभारती के मशहूर सप्तरंग आॅरकेस्ट्रा द्वारा किशोर कुमार की स्मृति में एक शाम किशोर कुमार के नाम शीर्षक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। रंगभारती संस्था किशोर कुमार के जन्मदिन पर वर्ष 1957 से यह आयोजन
करती आ रही है। चूंकि कार्यक्रम स्व0 किशोर कुमार की स्मृति को समर्पित था, इसलिए उसमें किशोर कुमार छाये रहे तथा उनकी गायकी के अनेक रंगों ने धूम मचाई। किशोर कुमार के चुलबुले गीतों के साथ विशेष रूप से उनके गम्भीर गाने गाकर गायकों ने भरपूर तालियां बटोरीं। सप्तरंग आॅरकेस्ट्रा के इन गायक-गायिकाओं द्वारा किशोर कुमार के स्वरों में गाए गए एकल एवं युगल अमर गीतों को सुनकर लोग झूम उठे:- जमाल- ऐ खुदा हर फैसला, कोई रोको न दीवाने को, रुक जाना ओ जाना, सामने ये कौन आया। कृष्ण कुमार- कोई हसीना जब रूठ जाती है, लेडीज एंड जेंटिलमैन। रूपा तिवारी- अपने जीवन की उलझन को। विजय थापा- हम बोलेगा तो बोलोगे बोलता है। जमाल व स्मृति-आंखों आंखों में प्यार। जमाल व रूपा- नहीं-नहीं, अभी नहीं, भलीभली-सी इक सूरत। कृष्ण कुमार व नंदिनी-देखा एक ख्वाब। विजय थापा व स्मृति-तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती। पद्मा गिडवानी-आ चलके तुझे मैं लेके चलूं। कृष्ण कुमार व स्मृति-आती रहेंगी बहारें, तेरा साथ है कितना प्यारा। जमाल व स्मृति-प्यार से दिल पे मार दे गोली। आशीष निगम-मेरे नैना सावन-भादों। सुनील-छूकर मेरे मन को। जया श्रीवास्तव-अगर तुम न होते। लक्ष्मीकांत-देखो ऐ दीवानो। उमेश त्रिपाठी-पल-पल दिल के पास। नंदिनी श्रीवास्तव-देखा एक ख्वाब। सभी कलाकारों द्वारा समूहगान के रूप में चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना से कार्यक्रम की समाप्ति की गई। आॅरकेस्ट्रा में इन वादकों ने संगत की:- गुड्डू श्रीवास्तव(पैड व सैम्पलर), सुनील वर्मा(तुंबा व बांगो), संजय चैहान(नाल, कांगो), विपिन(गिटार), विकास सक्सेना(ड्रम), अनूप सिंह(बेस गिटार), अभिजित वर्मा(आॅर्गन)। देश-विदेश में धूम मचाने वाले सुविख्यात एंकर एवं हास्यकलाकार सुनील शान ने कार्यक्रम का संचालन बड़े रोचक ढंग से किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि किशोर कुमार फिल्म-जगत के ऐसे अद्भुत एवं जीनियस कलाकार थे, जिनकी श्रेष्ठता का कोई ओर-छोर नहीं था। श्याम कुमार इस बात के लिए बहुत सराहना के पात्र हैं कि वह अपने अथक प्रयास से विगत 69 वर्षों से किशोर कुमार का जन्मदिन मनाते आ रहे हैं तथा इस प्रकार उस महान कलाकार की स्मृति को जीवंत बनाए हुए हैं। श्याम कुमार श्रेष्ठ पत्रकार तो हैं ही, उन्होंने कला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान किया है।





