लखनऊ। डालीबाग में जिस आवसीय योजना को माफिया मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे से मुक्त कर गरीबों के आशियाने के रूप में विकसित किया गया था, वहां सिंचाई विभाग की नोटिस से खलबली मच गई है। सिंचाई विभाग ने गुरुवार को सरदार पटेल आवास योजना के फ्लैटों पर बेदखली नोटिस चस्पा कर सात दिन में मकान खाली करने का आदेश दे दिया। नोटिस लगते ही यहां हड़कंप मच गया और भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई।
इन मकानों की चाबी नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं गरीब परिवारों को सौंपी थी, उन्हीं आवासों पर अब लाल क्रॉस का निशान लगाकर उन्हें खाली करने की चेतावनी दी गई है। इसकी खबर लगते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इसकी जानकारी होने पर एलडीए में हडकंप मच गया। आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को मौके पर भेजा गया। नोटिस को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर बताया गया कि लगाई गई नोटिस आसपास के अतिक्रमण हटाने के संबंध में थी, उक्त फ्लैट के संबंध में नोटिस विभाग की ओर से नहीं चस्पा की गई थी, फिलहाल नोटिस को उक्त लगी हुई जगह से हटा दिया गया है।
गुरुवार को सिंचाई विभाग ने एक फ्लैट पर नोटिस चस्पा किया। जिसमें लिखा है आपका घर अवैध रूप से सिंचाई विभाग की जमीन पर बना है। 7 दिन के अंदर कब्जा हटा लें, अन्यथा इसे विभाग खाली करा लेगा। 7 दिन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद यही कोई क्षति होती है तो आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। आपसे हर्जा-खर्चा के साथ समन शुल्क वसूला जाएगा। इसलिए नोटिस मिलने के 7 दिन के अंदर विभाग की भूमि से अवैध कब्जा हटा लें। सिंचाई विभाग की ओर से दावा किया गया है कि यह भूमि हैदर कैनाल बंधे की सरकारी जमीन है। विभाग ने फ्लैटों पर नोटिस चस्पा करते हुए उन्हें अपनी भूमि बताया है।
नोटिस लगते ही आवंटियों में नाराजगी फैल गई। आवंटियों ने सवाल उठाया कि यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो निर्माण शुरू होने से पहले ही इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया। कुछ देर बाद एलडीए के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने ठेकेदार से दीवार की उस जगह नोटिस हटवाकर पेंट करवा दिया जहां पर नोटिस चस्पा की गई थी। सहायक अभियंता से जब मौके नोटिस के बारे में जानकारी की गई तो वह इंकार करते रहे। हालांकि नोटिस लगाए जाने की फोटो उससे पहले वायरल हो चुकी थी। इस पर वह सफाई देने से बचते रहे। इस मामले में सिंचाई के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार वैश्य ने कहा कि नोटिस सरदार वल्लभ भाई पटेल योजना के लिए नहीं थी। उसके अवैध रूप से बंधे की जमीन में किए गए अन्य अवैध निर्माण के लिए थी। गलती से कर्मचारी ने योजना पर लगा दिया था।
विरोध पर वापस लौटे अधिकारी
सिंचाई विभाग ने गुरुवार को सरदार पटेल आवासीय योजना की दीवार पर नोटिस चिपकाने के बाद आसपास के मकान और झोपड़ियों पर नोटिस चस्पा किया लेकिन, आसपास नोटिस चिपकाते ही कार्रवाई भी शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बुलडोजर और पुलिस बल के साथ विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। लोगों ने अधिकारियों का विरोध कर दिया, जिसके बाद अधिकारी वहां से चले गए। मौके पर कुछ घर गिरा दिए गए। फिलहाल, सभी फ्लैट खाली हैं। यहां पर कोई रह नहीं रहा है।





