-लेखराज मेट्रो स्टेशन के पास 5 मई को दोपहर 1:00 बजे से होगा विशाल भंडारा
लखनऊ। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में बड़ी संख्या में मातृशक्तियों ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में महादेव के भव्य और दिव्य दर्शन किये। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 19 अप्रैल 2026 को लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत किया था। इस यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश से 1008 चयनित श्रद्धालुओं को बाबा सोमनाथ के दर्शन करवाना था। यह यात्रा 21 अप्रैल की सुबह 6 बजे, सोमनाथ स्टेशन पहुंची थी। इस क्रम में 24 अप्रैल को वहां से वापसी के लिए ट्रेन रवाना होकर बीते 26 अप्रैल को लखनऊ पहुंची थी। सपना गोयल ने बुधवार 29 अप्रैल को बताया कि यह सनातन जनजागृति का महती आयोजन रहा क्योंकि सोमनाथ गुजरात के वेरावल – प्रभास पाटन, में स्थित भगवान शिव का पहला और अत्यंत पवित्र ज्योतिर्लिंग है। यह मंदिर अपनी अटूट आस्था, सदियों के आक्रमणों को झेलकर पुनर्जीवित होने और अपनी भव्य वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसे लौहपुरुष सरदार पटेल ने पुनर्गठित करवाया था। यह हिंदू धर्म के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर के दर्शन लाभ कर लौटी मातृशक्तियों के अवसर पर लेखराज मेट्रो स्टेशन के पास 5 मई को दोपहर 1:00 बजे से ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। सपना गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित सोमनाथ यात्रा की हृदय से प्रशंसा करते हुए कहा कि निश्चित रूप से सोमनाथ महायात्रा ने, महा अभियान, एक राष्ट्र, सशक्त राष्ट्र, सनातनी राष्ट्र के मूल भाव को साकार किया बल्कि इस यात्रा में शामिल हुए भक्तों को सनातनी शक्ति की भव्यतता और दिव्यता से भी परिचित करवाया। इस ऐतिहासिक सोमनाथ यात्रा में सुंदरकांड महाअभियान की दर्जनों सनातनी मातृशक्तियों ने भी पूर्ण उल्लास और भक्ति के साथ सहभागिता की। सपना गोयल ने कहा कि हम सब भारतीयों को गौरव का यह यादगार पल देने के लिए वह प्रदेश सरकार का हृदय से आभार प्रकट करती हैं। इसके साथ ही कामना करती हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार इस तीर्थाटन के इस यात्रा क्रम को अनवरत बनाए रखेगी।
सपना गोयल ने बताया कि उनका एकमात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति हेतु ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ-साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया गया था। इसमें पांच हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुईं थीं। आध्यात्मिक आत्मा सपना गोयल निरंतर प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मातृशक्तियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उनका उद्देश्य है कि सुंदरकांड हर सनातनी की पहचान बनें। इस क्रम में सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में रविवार 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। इसमें चालीस बसों के माध्यम से पांच हजार महिलाओं को इस अनुष्ठान में शामिल करवाया गया था। इस क्रम में सपना गोयल की अगुवाई में बिना किसी सरकारी सुरक्षा के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बड़े स्तर पर सुंदरकांड महायज्ञ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत सपना गोयल के नेतृत्व में उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगा जी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। ऐसे सुंदरकांड महायज्ञ अनुष्ठानों में शहर से बड़ी संख्या में महिलाओं को बिना किसी सरकारी सहायता के सपना गोयल द्वारा बसों और रेलवे आदि के माध्यम से आयोजन स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। दूसरी ओर सेवा परमो धर्म को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी करवाया जा रहा है। इसके साथ ही सावन माह में वृहद कावड़ सेवा भी की जा रही है। इस साल ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल पर भी आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित किये जा रहे हैं।





