लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। सरकार के बाद अब अभ्यर्थी विपक्षी नेताओं के घरों का रुख कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को अभ्यर्थियों ने बसपा प्रमुख मायावती के लखनऊ स्थित आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और नियुक्ति की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों ने माल एवेन्यू स्थित आवास के बाहर नारेबाजी की और मायावती से मिलने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। करीब 15 मिनट तक चले तनाव के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी शुक्रवार से लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया था। अब अभ्यर्थी विपक्ष से न्याय की उम्मीद जता रहे हैं।प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग 6800 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति है। उनका कहना है कि 5 जनवरी को चयन सूची जारी हुई थी, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं दी गई।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 8270 सीटों का एफिडेविट दाखिल किया, जिसमें 4946 ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है जो पहले ही तीन बार चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें केवल 3300 सीटों का लाभ दिया जा रहा है, जबकि 6800 सीटों पर नियुक्ति होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि 4946 पदों को घटाकर वास्तविक अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए। साथ ही ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए सीटों का स्पष्ट ब्योरा भी जारी किया जाए। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





