नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मृत्युदंड का सामना कर रहे चार गुनहगारों में एक मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की है और इसे तुरंत उपराज्यपाल के पास भेज दिया।
उन्होंने बताया कि 32 वर्षीय सिंह की दया याचिका पर सिफारिश अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। सिंह द्वारा याचिका दायर करने के अगले दिन दिल्ली सरकार ने ये सिफारिशें की हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, हमें पता चला है कि एक याचिका दायर की गई है और हमने इसे खारिज करने की सिफारिश की और इसे तुरंत उपराज्यपाल के पास भेज दिया।
हमारे तरफ से कोई देरी नहीं हुई, हम इस बारे में आपको आश्वस्त करते हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को निचली अदालत द्वारा जारी डेथ वारंट के खिलाफ सिंह की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया और इसे सत्र न्यायालय में चुनौती देने की आजादी दी।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संगीता धींगरा सहगल की पीठ ने कहा कि उनके खिलाफ डेथ वारंट जारी करने के निचली अदालत के सात जनवरी के आदेश में कोई त्रुटि नहीं हुई। दिल्ली सरकार ने सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय को सूचित किया कि गुनाहगारों को 22 जनवरी को फांसी नहीं हो पाएगी क्योंकि उनमें से एक गुनाहगार मुकेश सिंह ने दया याचिका दायर की है।





