नयी दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सशस्त्र बलों द्वारा सभी प्रकार के सिमुलेटर के उपयोग में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उसने मौजूदा मानदंड जारी किए हैं। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि इसमें भारतीय कंपनियों द्वारा उपकरणों के रखरखाव की भी जरूरत होगी। मंत्रालय ने कहा कि उसके सभी घटकों और औद्योगिक संघों को दी गयी जिम्मेदारियों के साथ एक विस्तृत कार्य योजनौ का पालन किया जाएगा ताकि लागत प्रभावी, कुशल और स्मार्ट प्रशिक्षण प्रक्रिया हासिल करने के मकसद से सशस्त्र बलों द्वारा सिमुलेटर के उपयोग को पुनर्जीवित किया जा सके। मंत्रालय ने कहा कि तीनों सेनाओं और भारतीय तटरक्षक बल द्वारा सिमुलेटर के बढ़े हुए उपयोगै के लिए रूपरेखा में स्वदेशी डिजाइन और विकास के साथ ही भारतीय कंपनियों से सिमुलेटर के संचालन और रखरखाव की आउटसोर्सिंग पर जोर दिया गया है।
तीनों सेनाएं अपने कर्मियों को लड़ाकू जेट, परिवहन विमान तथा हेलीकॉप्टर सहित विभिन्न सैन्य प्रणालियों के लिए प्रशिक्षित करने की खातिर विभिन्न सिमुलेटरों का उपयोग करती हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रशिक्षण पर होने वाले खर्च को कम करते हुए तथा उपकरणों के जीवन को संरक्षित रखते हुए उच्च स्तर की परिचालन तैयारियों के लिए सिमुलेशन प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के तरीकों का लगातार पता लगाया जाएगा।





