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रचनात्मक माहौल बच्चों की प्रतिभा को देता है नई दिशा : जय कृष्ण अग्रवाल

प्रेरित करना किसी भी संस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है
लखनऊ। एस्थेटिक एंड कल्चरल डिवेलपमेंट प्रोग्राम 2025-26 के अंतर्गत फ्लोरोसेंस आर्ट गैलरी के सहयोग से आयोजित छह दिवसीय क्ले मॉडलिंग कार्यशाला का समापन शुक्रवार को उत्साहपूर्वक हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के वरिष्ठ कलाकार जय कृष्ण अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना, प्रधानाचार्य नवनीत कौर, वरिष्ठ कला अध्यापक राजेश कुमार तथा विशेषज्ञ अंशु सक्सेना सहित अन्य अध्यापक और अभिभावक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर जय कृष्ण अग्रवाल ने बच्चों द्वारा मिट्टी से बनाई गई विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन किया। अपने कला-भाव संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों को इस प्रकार का कलात्मक वातावरण प्रदान करना और उन्हें सृजनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना किसी भी संस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चे चाहे किसी भी प्रकार का कार्य करें, उनके लिए संवेदनशील और रचनात्मक माहौल तैयार करना अपने आप में एक सराहनीय पहल है। इस तरह की पहल बच्चों की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे जिस लगन और उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं, उसका सकारात्मक परिणाम उन्हें भविष्य में अवश्य मिलेगा। क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने कहा कि मिट्टी में बच्चों ने अपनी संवेदनशील भावनाओं को उकेरा है, जो अत्यंत कलात्मक और सुंदर हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को कला के प्रति अपने समर्पण भाव को प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र छोड़ना चाहिए, क्योंकि वे किसी भी माध्यम में स्वाभाविक रूप से अपने वास्तविक भावों को प्रकट करते हैं। इस दौरान मुख्य अतिथि द्वारा सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वरिष्ठ कला अध्यापक राजेश कुमार ने कार्यशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जबकि प्रधानाचार्य नवनीत कौर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, अध्यापकों और अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बच्चों की प्रत्येक कलाकृति को बड़े ध्यान से देखा, कई कलाकृतियों को हाथ में उठाकर उनके बारे में जानकारी ली और बच्चों से संवाद भी किया। इस प्रकार की बातचीत से बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ता है।

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