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अगले महीने से शुरू होगी ड्रीम प्रोजेक्ट ‘कुकरैल नाइट सफारी व एडवेंचर पार्क’ का निर्माण कार्य

  • 24 महीने में फेज-1 से जुड़े निर्माण कार्यों को पूरा करने पर फोकस, ईपीसी मोड पर निर्माण कार्यों को किया जाएगा पूरा
  • 631 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सभी निर्माण व विकास कार्य होंगे पूरे, नियोजन विभाग के टेक्निकल सेल ने विस्तृत खाका किया तैयार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रही योगी सरकार जल्द ही ‘कुकरैल नाइट सफारी व एडवेंचर पार्क’ के निर्माण व विकास से जुड़े कार्यों को शुरू करने जा रही है। सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘कुकरैल नाइट सफारी व एडवेंचर पार्क’ देश में अपनी तरह की पहली नाइट सफारी होगी। ऐसे में, इसके निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए नियोजन विभाग के टेक्निकल सेल ने एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। योजना के अनुसार, ईपीसी मोड में 24 महीनों की समयावधि के भीतर फेज-1 के निर्माण व विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा जिनकी शुरुआत अप्रैल से होना प्रस्तावित है।

खास बात यह है कि इन निर्माण कार्यों में 38 प्रकार के जीव-जंतुओं के एनक्लोजर, एम्यूजमेंट एक्टिविटी एरिया, एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, 7डी थिएटर, आर्ट गैलरी व शानदार एंट्री गेटवे, कैफेटेरिया, एंट्रेंस प्लाजा, क्वॉरंटीन वॉर्ड, पशु चिकित्सालय तथा स्टाफ के लिए 5 प्रकार के आवासीय खंडों का निर्माण व विकास किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत आधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम की स्थापना भी होगी तथा विभिन्न प्रकार के निर्माण व विकास कार्यों को पूर्ण किया जाएगा।

631 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से पूरा होगा फेज-1 का कार्य

सीएम योगी ने विजन अनुसार कुकरैल नाइट सफारी व एडवेंचर पार्क का निर्माण दो फेज में पूरा होगा। इसके विकास व निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपए से अधिक की रकम सरकार द्वारा स्वीकृत है। इसमें से 631 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत (जीएसटी के अतिरिक्त) से सभी निर्माण व विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत, फेज-1 में नाइट सफारी एन्क्लोजर्स का निर्माण किया जाएगा। इन्हें परियोजना के अंतर्गत कुकरैल जंगल के कुल 65,254 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा जबकि पूरी परियोजना को 34.59 लाख स्क्वेयर मीटर (855.07 एकड़) के प्रसार क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि परियोजना को लेकर नियोजन विभाग द्वारा मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है और अब अप्रैल महीने से इसी के आधार पर निर्माण व विकास कार्यों को शुरू किया जा रहा है।

इन जीवों के एनक्लोजर्स का होगा निर्माण

जिन जीवों के एनक्लोजर्स का निर्माण कुकरैल नाइट सफारी में होगा उनमें भारतीय शेर, कैराकल, तेंदुआ, नीलगाय, काला हिरण, चिंकारा, स्लॉथ भालू, बारहसिंघा, हिरण, हॉग डियर, सियार, हिमालयन काला भालू, धारीदार लकड़बग्घा प्रमुख हैं। इनके अतिरिक्त, घड़ियाल, जंगली सूअर, बंगाल टाइगर, फिशिंग कैट, ऊदबिलाव, मगरमच्छ, जेब्रा, सीतातुंगा, दरियाई घोड़ा, अफ्रीकी भैंसे, उल्लू, अजगर, कोबरा, वाइपर, फ्लाइंग फॉक्स, फ्लाइंग स्क्विरिल, पाम लिवेट, जंगली बिल्ली, भेड़िये, स्लो लोरिस तथा भारतीय सेही आदि जैसे 38 जीवों के एनक्लोजर्स का निर्माण किया जाएगा।

ट्राम सर्विस होगी विकसित, 200 व्यक्तियों की क्षमता युक्त 7डी थिएटर का होगा निर्माण

परियोजना के अंतर्गत, विभिन्न प्रकार की सेवाओं और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें बागवानी, भूनिर्माण, सड़कें व फुटपाथ, पार्किंग, रास्ते, क्रीडा सुविधाएं, परिसर की दीवारें, चौकीदार केबिन, सभी द्वार (आंतरिक और बाहरी), बाहरी विकास, जल निकासी तथा साइनेज इंस्टॉलेशन जैसे कार्यों को पूरा किया जाएगा। मास्टर प्लान के मुताबिक, नाइट सफारी में ट्राम सर्विस की भी विकसित की जाएगी तथा इसके अंतर्गत विभिन्न एनक्लोजर्स पर ट्राम स्टोरेज व रनिंग लाइन को भी निर्मित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 200 व्यक्तियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक सुविधाओं 7डी थिएटर निर्मित किया जाएगा। परिसर में एक आर्ट गैलरी का भी निर्माण किया जाएगा। 3 एंट्री गेटवे और टिकट काउंटर व एंट्रेंस समेत एंट्रेंस प्लाजा भी निर्मित किया जाएगा। प्रक्रिया के अंतर्गत, 10 टॉयलेट ब्लॉक तथा 4 कियोस्क ब्लॉक्स का भी निर्माण किया जाएगा।

डायरेक्टर बंगले समेत 5 प्रकार के आवासीय ब्लॉक के निर्माण होंगे पूरे

परियोजना के अंतर्गत, एक डायरेक्टर बंगले समेत 5 प्रकार के आवासीय ब्लॉक का निर्माण होगा। आवासीय ब्लॉक्स में पशु चिकित्सकों के बंगले, फायर फाइटिंग यूनिट, स्टाफ रेजिडेंस व ऑडिटोरियम जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने पर आधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा इंटीग्रेटेड बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आईबीएमएस) जैसी सुविधाओं को स्थापित व संचालित किया जाएगा।

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