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मेले में रैपिड एंटीजन टेस्ट की भी दी जाये सुविधा
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त्योहारों व पर्वाें के दौरान बरती जाये विशेष सतर्कता
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बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर हो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
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सीमावर्ती राज्यों से आने वालों की भी हो कांटेक्ट ट्रेसिंग
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि दीपावली के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन करने के संबंध में सभी तैयारियां कर ली जायें। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में कोरोना संक्रमण के संबंध में रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा भी दी जाये। उन्होंने आने वाले आगामी त्योहारों और पर्वाें को देखते हुए कोरोना संक्रमण के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि बाजारों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाये। कोविड के प्रोटोकाॅल का पूरा पालन सुनिश्चित कराया जाये।
मुख्यमंत्री ने टीम-11 के साथ अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में लोगों को लगातार जागरूक किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यम के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाये। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को बाजारों सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थापित करते हुए इनके माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव व सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन करने के बारे में जागरूक किया जाये।
योगी ने कहा कि सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कण्ट्रोल पूरी सक्रियता से चलाये जायें। प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों से आने वाले लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग ज्यादा से ज्यादा की जाये। उन्होंने ‘ई-संजीवनी’ एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को ऑनलाइन ओपीडी सेवा का लाभ दिलाया जाये। वैसे प्रदेश में अब तक दो लाख लोगों ने ‘ई-संजीवनी’ एप के माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श लिया है। इस एप का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान है।
मुख्यमंत्री ने धान खरीद में किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीद केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों से धान खरीदा जाये।
योगी ने कहा कि गो-आश्रय स्थल के संरक्षित गोवंश के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि गो-आश्रय स्थल पर रात में केयर टेकर ज़रूर रहे। उन्होंने गो-आश्रय स्थलों में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए सभी प्रबंध करने के निर्देश दिये।





