लखनऊ। हिंदुस्तानी समाज में शादी जितनी जरूरी मानी जाती है, इस रिश्ते में मन का मीत मिलना उतना ही जटिल भी होता है। शादी के इसी उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते को हल्के-फुल्के ढंग से दिखाने की कोशिश है फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2′, जो साल 2020 में फिल्म का स्पििरचुअल सीक्वल है। तब फिल्म में विक्रांत मैसी और यामी गौतम थे। इस बार अविनाश तिवारी और ’12वीं फेल’ फेम मेधा शंकर हैं। यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि 6 साल पहले आई पहली फिल्म ने कोई खास वाहवाही नहीं बटोरी थी, लेकिन बावजूद इसके मेकर्स ने इसका सीक्वल सिनेमाघरों में लाने की हिम्मत दिखाई है। कहानी ऋषिकेश के सीधे-साधे, कम पढ़े-लिखे पहलवान शिवांश चतुवेर्दी उर्फ सनी (अविनाश तिवारी) और दिल्ली की तेज-तर्रार गीतांजलि गोयनका उर्फ गिन्नी (मेधा शंकर) की है। सनी को पत्नी के रूप में एक सरल हृदय वाली, संकोची स्वभाव की, मधुर मुस्कान और उत्तम गृहणी चाहिए। जबकि बिंदास ख्यालों वाली गिन्नी को कोई ऐसा चाहिए जो उसे इज्जत दे, उसका ख्याल रखे। मुश्किल ये है कि इन दोनों को ही उनके मन का मीत नहीं मिल रहा। भारतीय समाज के चिरपरिचत अंदाज में, माता-पिता का दबाव और थोड़े सा झूठ, गिन्नी और सनी को एक-दूसरे का जीवनसाथी बना देता है। मगर गिन्नी के खुले विचारों से सनी को पहली रात ही ऐसा झटका लगता है कि इन दोनों के रिश्ते की नींव हिल जाती है। यही नहीं, जल्द ही दोनों के झूठ भी एक-दूसरे के सामने खुल जाते हैं। ऐसे में, इनकी शादी का क्या हश्र होता है, यह जानने के लिए फिल्म देखनी होगी। फिल्मों में ‘अपोजिट अट्रैक्ट्स’ वाली मसाला रोम-कॉम कहानियों का अंत किसी से छिपा नहीं है। ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ भी इस मामले में खासी प्रिडिक्टेबल है। लेखक-निर्देशक प्रशांत झा ने एक छोटे शहर के प्यार-परिवार, शादी-ब्याह, नाच-गाने, मिलने-बिछड़ने वाली टिपिकल फैमिली एंटरटेनर रचने की कोशिश की है, लेकिन स्क्रीनप्ले को वह कस नहीं पाए हैं। सीन इतने मनोरंजक नहीं है कि आपको गुदगुदा सकें। बेशक, सनी की डिस्फंक्शनल फैमिली में पिता रामसेवक (सुधीर पांडे), भाई-भाभी (विश्वनाथ चटर्जी-नयनी दीक्षित) और दोस्त रुब्बल (रोहित चौधरी) के पारिवारिक खींचतान वाले सीन कहीं-कहीं अच्छे हैं, मगर ओवरआॅल फिल्म खींची हुई लगती है। एक्टिंग की बात करें तो मेधा शंकर और अविनाश तिवारी स्क्रीन पर आकर्षक लगते हैं। अविनाश को सनी के रूप में पहली बार ऐसा हल्का-फुल्का किरदार मिला है, लेकिन उनके अभिनय का असर इमोशनल सीन पर ही दिखता है। मेधा भी गिन्नी के रूप में जमती हैं। इनकी जोड़ी में नयापन तो है, लेकिन उनके बीच जोरदार केमिस्ट्री नहीं दिखती। सनी के पिता के रोल में सुधीर पांडे और दोस्त के रूप में रोहित चौधरी जरूर प्रभावित करते हैं। फिल्म का संगीत इसका एक बड़ा कमजोर पहलू है। ‘छाप तिलक’ के अलावा कोई और गाना थएिटर से बाहर निकलने के बाद याद नहीं रहता। हां, उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां जरूर लुभाती हैं।
ऐक्टर:अविनाश तिवारी,मेधा शंकर,लिलेट दुबे,सुधीर पांडे,रोहित चौधरी,विश्वनाथ चटर्जी,नयनी दीक्षित
डायरेक्टर :प्रशांत झा
रटिंग-2/5





