लखनऊ। हिंदू धर्म में कालाष्टमी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है और इसे भगवान काल भैरव की आराधना के लिए समर्पित किया गया है, जो भगवान शिव के रौद्र और शक्तिशाली स्वरूप माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में चल रही बाधाएं दूर होती हैं, भय और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से इस दिन निशीथ काल (मध्य रात्रि) में काल भैरव की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। वहीं यहां हम बात करने जा रहे हैं मई के कालाष्टमी व्रत के बारे में, जो इस बार 9 मई को मनाया जाएगा।
कालाष्टमी व्रत शुभ मुहूर्त
इस दिन निशिता काल 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 10 तक रहेगा। इस बीच में भगवान काल भैरव की पूजा- अर्चना कर सकते हैं।
कालाष्टमी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भैरव बाबा की आराधना करने से व्यक्ति के सभी भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। विशेष रूप से मध्यरात्रि में की गई पूजा को अत्यंत फलदायी माना जाता है, क्योंकि यही समय भैरव शक्ति के जागृत होने का माना जाता है। साथ ही, भैरव देव को न्याय का देवता भी कहा जाता है, इसलिए उनकी पूजा करने से व्यक्ति को न्याय और सुरक्षा की प्राप्ति होती है।
पूजन विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें। व्रत का संकल्प लेते हुए भगवान शिव और काल भैरव का ध्यान करें। मंदिर में भगवान भैरव के सामने सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं। भैरव जी की पूजा रात के समय करना ज्यादा फलदायी माना जाता है। अगर हो पाए तो भैरव प्रतिमा पर पंचामृत व जल अर्पित करें। उन्हें लाल चंदन का तिलक लगाएं। पूजा के दौरान ॐ कालभैरवाय नम: या ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र जाप के बाद काल भैरव चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें।
भगवान भैरव के प्रिय भोग
बाबा भैरव को मीठी चीजें जैसे इमरती और जलेबी बहुत प्रिय हैं।
इस दिन उड़द की दाल के बड़े या पकोड़े का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
कई स्थानों पर इस मौके पर दूध से बनी मिठाइयों का भी भोग लगाया जाता है। काल भैरव का वाहन कुत्ता है। ऐसे में कालाष्टमी के दिन किसी काले कुत्ते को रोटी, दूध या बिस्किट जरूर खिलाएं। ऐसा करने से कुंडली से राहु और केतु जैसे अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी कम होता है।





