back to top

यूपी में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दी अध्यादेश को मंजूरी

केवल शादी के लिए धर्म परिवर्तन किया तो होगी सजा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के धर्मांतरण संबंधी अध्यादेश को शनिवार को राज्यपाल ने आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश को राज्यपाल के अनुमोदन के लिए बुधवार को राजभवन भेजा गया था। राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही यह कानून यूपी में प्रभावी हो गया है।

अब इस अध्यादेश को छह माह के भीतर विधान मंडल के दोनों सदनों में विधेयक के रूप में पास कराना होगा। झूठ बोलकर, झांसा देकर या छल-प्रपंच कर धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए योगी सरकार यह अध्यादेश लायी है। इसके लागू होने के बाद झांसा देकर, झूठ बोलकर या छल-प्रपंच करके धर्म परिवर्तन करने-कराने वालों के साथ सरकार सख्ती से पेश निपटेगी।

अगर सिर्फ शादी के लिए लड़की का धर्म बदला गया, तो ऐसी शादी न केवल शून्य (अमान्य) घोषित कर दी जायेगी, बल्कि धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 साल तक जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। अब ऐसा अपराध गैर जमानती माना जायेगा। अध्यादेश में यह भी प्रावधान है कि एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्घोषणा करनी होगी कि यह धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से किया जा रहा है।

संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उन पर कहीं भी, किसी भी तरह का कोई प्रलोभन या दबाव नहीं है। अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के सभी पहलुओं के लिए प्रावधान तय किये गये हैं। इसके अनुसार, धर्म परिवर्तन का इच्छुक होने पर संबंधित पक्षों को तय प्रारूप (फार्म) पर जिला मजिस्ट्रेट को दो माह पहले सूचना देनी होगी। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस अपराध में न्यूनतम जुर्माना 10 हजार रुपये तय किया गया है। दबाव डालकर या झूठ बोलकर अथवा किसी अन्य कपटपूर्ण ढंग से अगर धर्म परिवर्तन कराया गया, तो यह संज्ञेय अपराध होगा।

साथ ही गैर जमानती होगा और प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा चलेगा। दोष सिद्ध हुआ तो दोषी को कम से कम 01 वर्ष और अधिकतम 05 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। साथ ही कम से कम 15 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। यदि धर्म परिवर्तन का मामला अवयस्क महिला, अनूसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के संबंध में हुआ तो दोषी को तीन वर्ष से 10 वर्ष तक कारावास की सजा और न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करना पड़ेगा।

RELATED ARTICLES

स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

पवन ऊर्जा खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य, यूपी को मिला 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन' सम्मान : एके शर्मा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी...

ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कई सोशल मीडिया ऐप्स पर लगेगी रोक: स्टार्मर

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कई सोशल मीडिया ऐप्स पर...

दीप्ति शर्मा को दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं

बर्मिंघम। अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 विश्व कप के मैच में भारत की आसान जीत में अहम भूमिका निभाने...

सातवां बड़ा मंगल आज, हनुमान जी के शृंगार के साथ लगेगा विशेष भोग

लखनऊ। ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर श्री हनुमान जी के मंदिरों में विशेष दर्शन-पूजन किया जाएगा। बजरंगबली का अनुपम शृंगार किया जाएगा।...

श्याम परिवार : भोग प्रसाद भंडारा बना आस्था का केंद्र

सेवाभाव के साथ भंडारे के प्रसाद का वितरण कर रहेलखनऊ। श्री श्याम मंदिर, बीरबल साहनी मार्ग, लखनऊ में श्री श्याम परिवार द्वारा आयोजित श्री...

चित्रों में दिखेंगे रामायण में वर्णित मूल्य और आदर्श : कृष्ण कुमार सिंह

कलाशिविर के रूप में शुरू हुआ कलर्स आफ अयोध्या बनेगा अयोध्या आर्टफेस्ट : मंजुला झुनझुनवालाप्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाएगा अयोध्या :...

प्राचीन भारत की ब्राह्मी लिपि से गुरुमुखी लिपि का भी हुआ है विकास

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वावधान में हुई पंजाबी लिपि की उत्पत्ति विषयक संगोष्ठीलखनऊ। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वावधान में पंजाबी लिपि की...

सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने व्रत रख पीपल वृक्ष के लगाए फेरे

लखनऊ। अमावस्या पर सोमवार को महिलाओं ने अपने पति के लंबे उम्र के लिए व्रत रखा। पीपल वृक्ष के नीचे पहुंची महिलाओं ने वृक्ष...

श्रीमद्भगवद्गीता पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन

संगठन पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कीलखनऊ। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से सनातन महापरिषद भारत द्वारा आयोजित श्रीमद्भगवद्गीता पाठ...