विश्वविद्यालय के कलामंडपम प्रेक्षागृह में किया गया
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय,लखनऊ एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में ओड़िसी नृत्य कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कलामंडपम प्रेक्षागृह में किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ सृष्टि धवन, विभागाध्यक्ष नृत्य एवं तालवाद्य डॉ रुचि खरे,वरिष्ठ नृत्य गुरु पंडित राममोहन महाराज स्पीक मैके के उत्तर प्रदेश राज्य के कोआॅर्डिनेटर डॉ एच सी पालीवाल एवं ओडिसी नृत्यांगना एवं गुरु पद्मश्री गीता महालिक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया । विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ. सृष्टि धवन ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी कलाकारों का आभार प्रकट किया ।
भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय,लखनऊ एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में सुविख्यात नृत्यांगना विदुषी गीता महालिक पद्मश्री एवं एस एन ए अवॉर्ड से सम्मानित ने कार्यक्रम का आरम्भ मंगलाचरण से प्रारंभ करके पुष्पांजलि उड़िया अभिनय जिसमें राधा कृष्ण के प्रेम का सुंदर प्रस्तुतीकरण के साथ सूरदास के पद पर आधारित कृष्ण लीला का प्रस्तुतीकरण किया कार्यक्रम में नृत्य में संगीता मोहंती, गायन में हरि नारायण दास, मृदाला में प्रशांत मंगराज एवं वायलिन पर अजहर शकील ने सहयोग किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ रूचि खरे ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं स्पिक मैके के सहयोग से इस कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है। ऐसे महान कलाकारों का विश्वविद्यालय में प्रदर्शन विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं ने ऐसे सुंदर आयोजन को अपने लिए एक नया और प्रेरणादायक अनुभव बताया । उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के द्वारा नृत्य एवं संगीत की समरूपता को जानने का अवसर प्राप्त हुआ े शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी इसे एक सकारात्मक पहल बताया,ऐसे कार्यक्रमों से समस्त छात्र छात्राओं की भावना को बल मिलता है। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ0 सृष्टि धवन ने बताया कि इस प्रकार के सुंदर आयोजन से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नृत्य एवं संगीत की समझ, एकाग्रता और सामाजिक सहयोग की भावना का विकास होता है। विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे आयोजनों का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को एक सकारात्मक, स्वस्थ एवं रचनात्मक वातावरण प्रदान करना है। कार्यक्रम संयोजिका डॉ रूचि खरे ने कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुक कलाकारों का आभार प्रकट किया।





