नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में रहने वाले आम लोगों और कमर्शियल वाहन चालकों को आज महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच अब दिल्ली-NCR में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दामों में भी भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, आज सुबह 6 बजे से दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलो का सीधा इजाफा किया गया है। इस नई बढ़ोतरी के लागू होने के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की खुदरा कीमत बढ़कर ₹83.09 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से ईंधन की कीमतों में जारी लगातार उछाल का ही हिस्सा है। पिछले 12 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब दिल्ली-NCR में सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। ईंधन विपणन कंपनियों ने इससे पहले 15 मई को सीएनजी के दाम में ₹2 प्रति किलो की वृद्धि की थी, जिसके तुरंत बाद 17-18 मई को ₹1 और फिर 23 मई को दोबारा ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया था। इस प्रकार देखा जाए तो पिछले 11 से 12 दिनों के भीतर सीएनजी की कीमतों में कुल ₹6 प्रति किलो तक की संचयी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसने मध्यम वर्ग के घरेलू बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।
विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस निरंतर हो रही मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक स्तर पर गहराता ऊर्जा संकट सबसे मुख्य वजह है। मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष और ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग में पैदा हुए गतिरोध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की इनपुट लागत में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में आ रहे उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर गैस वितरण कंपनियों के बढ़ते परिचालन घाटे ने इस लागत को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिसका सीधा बोझ अब तेल और गैस विपणन कंपनियां उपभोक्ताओं की जेब पर डाल रही हैं।
सीएनजी की कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी का सबसे सीधा और विनाशकारी असर दिल्ली-NCR के कमर्शियल वाहन चालकों पर पड़ने जा रहा है। दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर जैसी कैब, स्कूल वैन और हल्के कमर्शियल वाहनों का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह सीएनजी ईंधन पर ही निर्भर है। स्थानीय ऑटो और टैक्सी यूनियनों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान होकर जिन लोगों ने सीएनजी को एक किफायती विकल्प के रूप में चुना था, अब उनके सामने भी आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। लगातार बढ़ती इनपुट लागत के कारण चालकों की दैनिक शुद्ध कमाई में भारी गिरावट आ रही है, जिससे उनके लिए रोजाना का घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
आने वाले दिनों में इस ईंधन वृद्धि का असर आम जनता पर और व्यापक रूप से दिखने की संभावना जताई जा रही है। परिवहन यूनियनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि सरकार या कंपनियों द्वारा बढ़ती कीमतों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे जल्द ही यात्रा किराए और माल ढुलाई (Logistics) की दरों में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होंगे। माल ढुलाई महंगी होने का सीधा मतलब है कि दिल्ली-NCR के बाजारों में फल, सब्जियां, दूध, ब्रेड और अन्य आवश्यक घरेलू सामानों की कीमतों में भी आने वाले दिनों में उछाल देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी का यह ‘डबल अटैक’ आने वाले हफ्तों में दिल्ली-NCR में चौतरफा महंगाई को और ज्यादा बढ़ा सकता है।





