लखनऊ। बॉलीवुड की नैया इन दिनों सीक्वल और फ्रैंचाइजी फिल्मों पर ही सवार चल रही है। अकेले अजय देवगन की बात करें तो वह ‘गोलमाल’, ‘सिंघम’, ‘दे दे प्यार दे’, ‘दृश्यम’, और ‘रेड’ फ्रैंचाइजी में पार्ट 1, 2, 3, 4 की झड़ी लगाए हुए हैं। इसी लिस्ट में वह 2007 की हिट कॉमेडी फिल्म ‘धमाल’ के तीसरे पार्ट ‘टोटल धमाल’ का भी वह हिस्सा बने थे। अब शुक्रवार 10 जुलाई 2026 को इसकी नई कड़ी ‘धमाल 4’ सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। लेकिन अभी दो हफ्ते पहले ही आई अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ की तरह ही, अजय देवगन की यह फिल्म भी दर्जन भर कलाकारों के साथ पागलपन भरी बिना सिर-पैर वाली कॉमेडी फिल्म है, जो आपको हंसाने की कोशिश तो खूब करती है, लेकिन उसमें कामयाब कहीं-कहीं पर ही हो पाती है। कहानी इस फ्रैंचाइजी की पिछली तीन फिल्मों जैसी ही है।, जहां अलग-अलग टुकड़ी के लोग हैं और पैसों के लिए उनका लालच है। इस बार भी एक खजाने के खोज में सारे किरदार शेर-व्हेल, मगरमच्छ-सांप, खाई-तूफान जैसे तरह-तरह की मुसीबतों से गुजरते हैं। कहानी में तीन टोलियां हैं और उसके 8 किरदार हैं। पहली टोली में दो बच्चों की मां आलिया (ईशा गुप्ता) है, जिससे शादी करने की चाह रखने वाला गुड्डू (अजय देवगन) और उसका साथी जॉनी (संजय मिश्रा) है। दूसरी टोली है भाइयों आदित्य (अरशद वारसी), मानव (जावेद जाफरी) और आदी की पत्नी (संजीदा शेख) की। तीसरी लालची टोली है किस्मत का मारा लल्लन (रितेश देशमुख) की, जो पहले तो किसी अमीरजादी से शादी करके वजनदार बनना चाहता है, मगर उसके हिस्से आती है ड्राइवर पिता की वजनदार बेटी पारो (अंजली आनंद)। इन सबके अलावा है, एक दिमाग से पैदल समुद्री लुटेरा अधूरा (रवि किशन) भी है। वह भी इस खजाने की खोज में है। अब लालच की यह अफरा-तफरी इन सबको किस हद तक और कहां ले जाती है, जैसा कि ट्रेलर से साफ है, इंद्र कुमार निर्देशित यह फिल्म पागलपंती भरी, दिमाग के दरवाजे बंद करके देखने वाली सेंसलेस कॉमेडी है। हर सीन में नॉनस्टॉप कॉमेडी आॅफ एरर क्रिएट करने के चक्कर में कुछ भी ऊटपटांग हो रहा है। इंद्र कुमार कहीं न कहीं अब भी 90 के उसी दशक में अटके हुए हैं, जहां लोगों के हकलाने और वजन पर जोक्स आदि को हंसने का सबब माना जाता था। ‘धमाल 4’ के ज्यादातर जोक्स पुराने और घिसे-पिटे हैं। जाहिर है ऐसे में ये ज्यादा प्रभावित नहीं करते। फिल्म का वीएफएक्स कमजोर है। हालांकि, कुछ ट्रैक्स मजेदार भी हैं, जो दर्शकों को हंसने का मौका देते हैं। जैसे- अरशद-जावेद जाफरी और संजीदा की तिकड़ी। वे जब भी सीन पर आते हैं, हंसाते हैं। फिल्म में संजय मिश्रा का ब्रो-मांस भी मजेदार लगता है। जबकि, रितेश का देसी अंदाज थोड़ा लाउड हो गया है। बाकी, एक्टिंग के मामले में सभी कलाकारों ने अपनी-अपनी भूमिका ठीक-ठाक निभाई है। कुल मिलाकर, अगर आप दिमाग के दरवाजे बंद करके फिल्म देखने की कला जानते हैं, तभी यह ‘धमाल 4’ आपको रास आएगी, वरना सिर्फ पकाएगी।
ऐक्टर:अजय देवगन,अरशद वारसी,रितेश देशमुख,जावेद जाफरी,रवि किशन,संजीदा शेख,अंजली आनंद,ईशा गुप्ता,संजय मिश्रा,उपेंद्र लिमये
डायरेक्टर :इंद्र कुमार
रेटिंग-3/5





