आचार्य रामदेव लाल विभोर ने प्रासंगिक विपुल साहित्य की सर्जना की
यू.पी. प्रेस क्लब में काव्य कला संगम संस्था ने मनायी आचार्य विभोर की 89वीं जयंती
लखनऊ। काव्य कला संगम संस्था की ओर से आचार्य रामदेव लाल विभोर की 89वीं जयंती मंगलवार 8 जुलाई को स्थानीय यू.पी. प्रेस क्लब में मनाई गई। इस समारोह के अध्यक्ष डॉ. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि विभोर जी का कृतित्व का महत्वपूर्ण वैशिष्ट्य है कि उन्होंने प्रासंगिक विपुल साहित्य की सर्जना की और लक्षण ग्रंथ भी लिखे। वस्तुत: वे आचार्य कवि की कोटि में आने वाले मनीषी हैं। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरक और मार्ग दर्शक है।
इस समारोह मुख्य अतिथि डॉ. राम कठिन सिंह ने कहा अप्रतिम साहित्यिक प्रतिभा के धनी रामदेव लाल ‘विभोर’ एक उच्च कोटि के कवि तो थे ही, साथ ही छान्दस कविता के महत्व को समझने के लिए जो उन्होंने छन्द-विधान पर शोधपूर्ण कार्य किया, वह अद्वितीय है। इस समारोह के विशिष्ट अतिथि साहित्य भूषण मधुकर अष्ठाना ने विभोर जी के लिये एक मुक्तक पेश करते हुये कहा कि जिये तो ऐसे कि फूलों के साथ नाम रहा, हमारे दिल में बसे आप खुशबुओं की तरह रहे तो वक़्त के सीने पे दस्तखत कर के दिखाई दूर से देते हैं गुम्बदों की तरह। विशिष्ट अतिथि डॉ. अमिता दुबे ने कहा कि रामदेव लाल विभोर जी का जीवन और उनका रचनाकर्म निश्चित रूप से विभोर करने वाला हैह्व। उनकी महत्वपूर्ण कृतियाँ विशेषकर नीम की छांव, छन्द-विधान एवं गजल ज्ञान साहित्य जगत की धरोहर हैं। संस्था के अध्यक्ष डॉ. गोपालकृष्ण शर्मा मृदुल ने समारोह में उपस्थित साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि विभोर जी में कवि और आचार्य का दुर्लभ मणि-कांचन संयोग था। इस अवसर पर पत्रिका विभोर स्मारिका का लोकार्पण और वरिष्ठ कवियों को आचार्य रामदेव लाल विभोर स्मृति सम्मान 2025 से सम्मानित भी किया गया। इस कड़ी में मुम्बई से आमंत्रित मुरलीधर पाण्डेय, बाराबंकी के रामकिशोर तिवारी, उमेश चन्द्र दुबे, अवधेश गुप्त नमन और डॉ. सुष्मा विप्लव सौम्या शामिल रहे। समारोह में विभोर जी के सुपुत्र संस्था के महामंत्री राजेश कुमार श्रीवास्तव और मुकेश कुमार श्रीवास्तव, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव और विकास कुमार श्रीवास्तव सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन आवारा नवीन और नवीन शुक्ल ‘नवीन’ ने किया। वरिष्ठ रंगकर्मी कीर्ति प्रकाश ने मशविरा दिया कि ऐसे आयोजन निरंतर किये जाने चाहिए। अंत में संस्था के महामंत्री राजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।





