विशेष संवाददाता लखनऊ। नगर निगम सीमा में 241 जर्जर भवन हादसे को दावत दे रहे हैं। लगातार बारिश से शहर में जर्जर हो चुकी इमारतों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। दशकों पुरानी इमारतों के लिए रिमझिम बारिश खतरनाक होती है। घनी आबादी के बीच खडेÞ जर्जर भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं। दशकों पुराने इन भवनों की मियाद पूरी हो चुकी है। वे खंडहर की शक्ल ले चुके हैं। उनके कई हिस्से आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। बावजूद उन पर न तो भवन स्वामी का ध्यान है और न ही नगर निगम प्रशासन की नजर पड़ रही है। पूर्व में कई घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह हैं। लेकिन बीते साल रिवर बैंक कालोनी में जर्जर भवन के गिरने से भी निगम ने सबक नहीं लिया है।
बिल्डिंग के दो फड़ हो चुके हैं
हालांकि नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ऐसे जर्जर भवनों को चिन्हित कर लिया गया है और नोटिस भी जारी कर दी गई है, लेकिन अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं ली गई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुइन रोड चौराहा, बाबा लस्सी के सामने, अमीनाबाद में बीच चौराहे पर स्थित बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। कई महीनो से टेढ़ी होकर एक तरफ झुक गई है। बिल्डिंग के दो फड़ हो चुके हैं यह इस कदर झुक चुकी है कि किसी भी समय भरभरा कर गिर सकती है और उसमे कई जाने भी जा सकती हैं। इसकी जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार आंख बंद किए हुए हैं। नगर निगम सर्वे कर जर्जर भवनों की सूची तैयार करता है और उन्हें नोटिस जारी कर मकान खाली करने का समय देता है। यह सूची जिला प्रशासन को सौंपी जाती है।
जिला प्रशासन इन भवनों में रहने वालों को मरम्मत का मौका देता है। जिनमें मरम्मत की संभावना नहीं होती है, उन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है। अमीनाबाद, बशीरतगंज, नजरबाग, गणेशगंज, मौलवीगंज, लालकुआं, वजीरगंज, मोतीनगर, ऐशबाग, यहियागंज, तिलकनगर, राजाबाजार, राजेंद्र नगर, मालवीय नगर, डालीगंज, अलीगंज, फैजुल्लागंज, निशातगंज, पेपर मिल कालोनी, आलमबाग, केसरीखेड़ा, चौक, सआदतगंज, हुसैनाबाद, अशफार्बाद, भवानीगंज में जर्जर भवन अधिक पाए गए हैं। जोन एक में 121, जोन दो में 46, जोन तीन में 13, जोन चार में 11, जोन पांच में 5, जोन छह में 45 जर्जर भवन चिह्न्ति किए गए हैं।
पहले हो चुके हैं हादसे
वर्ष 2021 में रिवर बैंक कालोनी में तीन मंजिला भवन का ऊपरी हिस्सा ढहने से एक युवक की मौत हो गयी थी। वर्ष 2019 में हुई बारिश में कैण्ट रोड पर मुरलीनगर गेट के सामने जर्जर इमारत गिर गई थी। दो लोगों की उसमें दबकर मौत हो गई थी। उसी के दो दिन बाद गणेशगंज में जर्जर बिल्डिंग गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई थी। वर्ष 2019 में अशोक मार्ग पर स्थित नारंग बिल्डिंग का छज्जा गिर गया था। हालांकि कोई हादसा नहीं हुआ। मौलवीगंज में एक बिल्डिंग गिर गई थी। कैसरबाग चौराहे पर स्थित एक बिल्डिंग का छज्जा गिर गया था। चौक और इमामबाड़े के पास भी जर्जर भवन गिरने से हड़कम्प मचा था।





