बुरी नजर से सुरक्षा और डर से मुक्ति मिलती है
लखनऊ। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरसिंह जयंती मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के भगवान नृसिंह अवतार की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान नरसिंह की पूजा से करने से व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय, मुकदमों में सफलता, बुरी नजर से सुरक्षा और डर से मुक्ति मिलती है , साथ ही भगवान नरसिंह भक्तों की रक्षा करते हैं, नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-मंत्र को नष्ट करते हैं। इसके साथ ही सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल नृसिंह जयंती कब मनाई जाएगी।
हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 29 अप्रैल को शाम 7 बजकर 51 मिनट पर होगी , वहीं, इस तिथि का समापन अलगे दिन यानी 30 अप्रैल को रात में 9 बजकर 12 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए नरसिंह जयंती का पर्व 30 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार को रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नरसिंह जयंती की पूजा सायंकाल में करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में 30 अप्रैल को पूजा का मुहूर्त शाम को 4 बजकर 17 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा , सभी भक्त इस अवधि में भगवान नृसिंह की पूजा कर सकते हैं।
नरसिंह जयंती की पूजा विधि
नरसिंह जयंती पर पूजा के स्थान को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद चौकी पर भगवान नृसिंह की प्रतिमा रखें। फिर नरसिंह भगवान के समक्ष दीपक जलाएं। भगवान के मंत्रों का जाप करें और भोग लगाकर पूजा का समापन करें।





