मुंबई । भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ की रिलीज को आज नौ साल पूरे हो गए हैं। साल 2017 में जब इस फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, तब इसने न केवल बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त किए थे, बल्कि दर्शकों को उस ऐतिहासिक सवाल का जवाब भी दिया था जिसने सालों तक पूरे देश को उत्सुक बनाए रखा था कि “कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?।
आज नौवीं वर्षगांठ के इस खास मौके पर फिल्म के निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर एक विशेष पोस्टर साझा करते हुए फिल्म की विरासत को याद किया है। आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए संदेश में फिल्म के प्रतिष्ठित संगीत को याद करते हुए लिखा गया, हेयसा…. रुद्रस्सा… वह ध्वनि जो आज भी हमारे कानों में गूंजती है। यह फिल्म आज केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक कल्ट स्टेटस हासिल कर चुकी है जिसे भारत में ‘पैन-इंडिया’ सिनेमा के दौर की शुरुआत करने वाली अग्रणी कृति माना जाता है।
एस.एस. राजामौली के निर्देशन में बनी यह महागाथा भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई। रिलीज के समय यह देश की सबसे महंगी फिल्म थी, जिसे तेलुगु, तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम सहित कई वैश्विक भाषाओं जैसे जापानी, रूसी और चीनी में भी डब किया गया था। प्रभास की दोहरी भूमिका और राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णा, और सत्यराज जैसे कलाकारों के सधे हुए अभिनय ने पर्दे पर जादू बिखेरा था।
फिल्म की व्यावसायिक सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने दुनिया भर में ₹1,810.60 करोड़ से अधिक की कमाई की और ₹1,000 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। व्यापारिक सफलता के साथ-साथ इसने तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार—सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म, सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभाव और सर्वश्रेष्ठ स्टंट कोरियोग्राफी—भी अपने नाम किए, जिसने तकनीकी और रचनात्मक स्तर पर भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई।
बाहुबली की इस शानदार विरासत को अब एनीमेशन के जरिए एक नए आयाम पर ले जाने की तैयारी जोरों पर है। फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। हाल ही में इस फिल्म को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ‘एनेसी इंटरनेशनल एनिमेशन फिल्म फेस्टिवल’ के ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ सेक्शन के लिए चुना गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी मंच पर पहले ‘स्पाइडर-मैन: इन्टू द स्पाइडर-वर्स’ और ऑस्कर विजेता फिल्म ‘फ्लो’ जैसी फिल्मों का प्रदर्शन हो चुका है। बाहुबली की इस एनीमेटेड फिल्म का इस श्रेणी में चुना जाना यह दर्शाता है कि भारतीय एनीमेशन उद्योग अब वैश्विक मानकों को टक्कर दे रहा है। ईशान शुक्ला के निर्देशन में बन रही यह दो भागों की एनिमेटेड महागाथा बाहुबली के प्रशंसकों के लिए युद्ध और राजनीति के अनछुए पहलुओं को सामने लाएगी।
फिल्म का टीजर पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुका है, जिससे यह साफ है कि बाहुबली ब्रांड का जादू आज भी कम नहीं हुआ है। ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ के जरिए निर्माता इस फ्रेंचाइजी को पारंपरिक सिनेमा से आगे ले जाकर एनीमेशन की दुनिया में एक नया बेंचमार्क स्थापित करना चाहते हैं।
2027 में रिलीज होने वाली इस फिल्म से उम्मीदें काफी अधिक हैं, खासकर एनेसी जैसे प्रतिष्ठित मंच पर मिली सराहना के बाद। जहाँ एक ओर प्रशंसक फिल्म की नौवीं वर्षगांठ मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माहिष्मती साम्राज्य की इस नई एनिमेटेड यात्रा का इंतजार भी बेसब्री से किया जा रहा है, जो भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर एक नई और आधुनिक परिभाषा देने का वादा करती है।





