6,332 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात और गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जिसकी शुरुआत मंगलवार दोपहर को उनके बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने के साथ हुई। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वे सीधे बरेका गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री के इस 54वें काशी दौरे का मुख्य आकर्षण ‘महिला जन आक्रोश रैली’ है, जिसे वे शाम 4 बजे संबोधित करेंगे। इस भव्य आयोजन में लगभग 25 हजार महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिनमें से 44 चयनित महिलाएं प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करेंगी।
यह दौरा न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि विकास की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित होने वाला है क्योंकि मोदी यहां 6,332 करोड़ रुपए की लागत वाली 163 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इन योजनाओं में बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज और कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक प्रमुख हैं, जो क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे।
वाराणसी के इस दौरे में प्रधानमंत्री के साथ भाजपा के कई दिग्गज नेता भी मौजूद हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के मंत्री और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी शामिल हैं। साल 2026 में प्रधानमंत्री का यह पहला काशी आगमन है, जो पिछले नवंबर 2025 के दौरे के बाद हो रहा है।
मंगलवार के व्यस्त कार्यक्रमों के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना होंगे, जहां वे उत्तर प्रदेश की एक और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच की दूरी को कम करेगा और राज्य के आर्थिक गलियारे को नई मजबूती प्रदान करेगा।
वाराणसी में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है, जो उनके 11 साल के कार्यकाल के दौरान काशी से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह दौरा आगामी रणनीतियों और विकास की निरंतरता को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम माना जा रहा है।





