लखनऊ। ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई को मनाया जाएगा, जिसमें हनुमान जी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। सनातन धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन भक्त हनुमान जी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान किया जाता है। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना से शुभ फल की प्राप्ति होती है और उनकी कृपा बरसती है। दूसरा बड़ा मंगल 12 मई को पड़ रहा है। गणना के अनुसार, 11 मई को दोपहर 03 बजकर 24 मिनट पर दशमी तिथि शुरू होगी। 12 मई को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट तक ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। इसके बाद दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से एकादशी तिथि शुरू होगी।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
अमृत काल – शाम 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 02 मिनट से 07 बजकर 23 मिनट तक
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय
बड़े मंगल के दिन दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन पूजा के बाद ठंडा जल या शरबत का दान करें। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस काम को करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा बंदरों, गायों या जरूरतमंदों को गुड़ और चने का दान करें। इस दिन दान, सुंदरकांड पाठ और चोला अर्पित करने जैसे उपायों से सुख-समृद्धि मिलती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।
विशेष पूजा और भोग
पूजा के दौरान हनुमान जी को चोला अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं। हनुमान जी की पूजा में सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर होती हैं। प्रभु को बूंदी के लड्डू, फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।





