अयोध्या। राम मंदिर में कथित आभूषण और नगदी चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह मामला अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार खुद स्वीकार कर चुकी है कि मंदिर में चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं, इसलिए इस मुद्दे को उठाना राजनीतिकरण नहीं कहा जा सकता।
राजीव शुक्ला ने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ राम मंदिर के लिए चंदा और बहुमूल्य आभूषण दान किए थे। गरीबों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया, लेकिन उसी श्रद्धा से जुटाई गई संपत्ति के कथित गबन ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चोरी बड़े पैमाने पर हुई है और घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद थे, तो इसके पीछे बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल केवल छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो रही है, जबकि इस पूरे मामले में बड़े स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। “जिन्होंने भगवान राम के नाम पर चढ़ाए गए आभूषणों को लूटा है, उन्हें क्या सजा दी जाएगी?” उन्होंने सवाल किया।
कांग्रेस नेता ने मंदिर प्रबंधन व्यवस्था और मंदिर प्रकोष्ठ की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
कांग्रेस ने इस प्रकरण को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। दूसरी, मौजूदा मंदिर ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए, जिसमें शंकराचार्यों को शामिल किया जाए। तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।





