लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई कोचिंग संस्थानों को सील किया और कई अधिकारियों को निलंबित भी किया, लेकिन इसके बावजूद आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड स्थित लोकबंधु अस्पताल परिसर के वन स्टॉप सेंटर में करीब 5:30 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग लगते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय शेल्टर होम में एक महिला, दो बच्चियां और चार कर्मचारी मौजूद थे। अस्पताल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए सभी को तुरंत बाहर निकाला और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में बिजली ट्रिपिंग की शिकायत पहले ही बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटे की देरी हुई, जबकि पुलिस कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने मामले की जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में लापरवाही को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।





