लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों को गांवों में वरासत अभियान की कार्यवाही का मौके पर सत्यापन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी वरासत अभियान के तहत निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज किये जाने की रैंडम आधार पर पड़ताल करें। उन्होंने प्रदेश में वरासत अभियान को पूरी गति से संचालित करने के निर्देश भी दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने यहां लोक भवन में एक बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि भीषण ठंड के मद्देनज़र रैनबसेरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाये। रैनबसेरों में स्वच्छता एवं सुरक्षा के समुचित प्रबंध करते हुए कोविड से बचाव की व्यवस्था भी की जाये। उन्होंने शहरी व ग्रामीण इलाकों के प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किये जाने के निर्देश भी दिये।
योगी ने दैवीय आपदाओं से होने वाली हानि को कम से कम करने के लिए लोगों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए इन क्षेत्रों की जनता को जागरूक किया जाये।
साथ ही, लोगों को आपदा से बचाव के उपायों के बारे में प्रशिक्षित भी किया जाये। उन्होंने यूपी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के भवन निर्माण के लिए तेजी से कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे प्राधिकरण को अपने कार्य बेहतर ढंग से संचालित करने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि की व्यवस्था के कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाना है। इसलिए भूमि की व्यवस्था के लिए सभी कार्यवाही समयबद्ध ढंग से प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाये।
योगी ने कहा कि डीएनए जांच के लिए प्रदेश में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना के संबंध में कार्यवाही की जाये। इसकी स्थापना से वैज्ञानिक ढंग से विवेचना कार्य सुगम होगा। अपराध से जुड़े साक्ष्यों के संबंध में सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।





