लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि आज भी प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण किया जा रहा है। इस काम को पूरी रफ़्तार से चलाते हुए अगली 4 व 5 फरवरी को बचे हुए हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण पूर्ण किया जाये। प्रदेश में हेल्थ वर्कर्स के कोविड वैक्सीनेशन काम को 5 फरवरी तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिये हैं।
प्रदेश में शुक्रवार को 85,000 हज़ार से ज़्यादा हेल्थ वर्कर्स को टीके लगाए गये। फ्रंटलाइन वर्कर्स के वैक्सिनेशन का काम 5 फरवरी से शुरू होगा। स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन कर्मियों को वैक्सीन की दोनो डोज 25 मार्च तक लगाने का कार्य कर लिया जायेगा। इसके बाद 50 साल से ज़्यादा उम्र वाले व्यक्तियों को वैक्सीन लगाने का कार्य केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने यहां लोक भवन में टीम-11 के साथ अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि हेल्थ वर्कर्स के टीकाकरण के बाद कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सिनेशन किया जाना है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी की जायें। उन्होंने कोविड के वैक्सीनेशन काम को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों एवं क्रम के अनुसार चलाये जाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 2.95 लाख हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीनेट किया जा चुका है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज किये जाने के बावजूद अभी भी हर स्तर पर पूरी सजगता बरतना ज़रूरी है। इसलिए लोगों को कोविड से बचाव के बारे में लगातार जागरूक किया जाये। जनता को मास्क के अनिवार्य रूप से उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की जानकारी दी जाये। जागरूकता सृजन के लिए प्रचार माध्यमों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग जारी रखा जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की चेन को तोड़ने में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके मद्देनज़र प्रदेश में कोरोना का टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाये। कांटेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को प्रभावी रखा जाये। उन्होंने कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाये रखने के निर्देश भी दिये।





