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शोभायात्रा के साथ आज से शुरू होगा उत्तरायणी कौथिग मेला

पर्वतीय वेश-भूषा में सभी महिलाए श्री रामलीला मैदान महानगर में एकत्रित होंगी
लखनऊ। उत्तरायणी कौथिग(मेला) का शुभारम्भ अग्रेजों की कुली बेगार, कुली उतार जैसी अमानवीय प्रथा के विरूद्व कुमॅांऊ केसरी उत्तराखण्ड में भारतीय स्वस्ंत्रता आन्दोलन के जन नायक बद्री दत्त पाण्डेय द्वारा उत्तरायणी कौथिग(मेले) प्राचीन बागेश्वर से प्रारम्भ किया गया। यह आहिंसात्मक आन्दोलन उत्तरायणी मेले के ऐतिहासिक महत्व को और भी बल प्रदान करता है। सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व के प्रतीक उत्तरायणी त्यौहार आज उत्तराखण्ड के प्रत्येक क्षेत्र में बडे़ हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग(मेले) का शुभारम्भ दिनांक 14 जनवरी, दिन- मंगलवार को भव्य शोभा यात्रा के साथ अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी, महासचिव महेन्द्र सिंह रावत, मुख्य संयोजक टीएस मनराल, संयोजक केएन चंदोला के नेतृत्व में श्री रामलीला मैदान महानगर से होगा।
पर्वतीय महापरिषद द्वारा वर्ष 2010 से प्रारम्भ किया गया तीन दिवसीय उत्तरायणी मेला वर्ष दर वर्ष अपना भव्य स्वरूप धारण कर रहा है। पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी मेले का शुभारम्भ विगत वर्षों की भॉंति इस वर्ष भी दिनांक- 14 जनवरी 2025 को प्रात- 11:00 बजे श्री रामलीला मैदान, महानगर से शोभा यात्रा के रूप में लखनऊ में विभिन्न क्षेत्रों गोमती नगर, तेलीबाग, कानपुर रोड, सरोजनी नगर व राजाजीपुरम्, नीलमथा, तेलीबाग, सीतापुर रोड, कल्याणपुर, विकास नगर, कुर्मांचल नगर, इन्दिरानगर बसों के माध्यम से आने वाले पर्वतीय वेश-भूषा में सभी महिलाए श्री रामलीला मैदान महानगर में एकत्रित होंगी। प्रात: 10:00 बजे श्री रामलीला मैदान महानगर में अल्मोड़ा से आये प्रसिद्व छोलिया दल के कलाकारों का गायन व छोलिया नृत्य तथा नन्दा राजजात शोभायात्रा के साथ पर्वतीय वेश-भूषा में विशाल जन समूह मेला स्थल की ओर प्रस्थान करेगा। उत्तरायणी मेले का उद्धाटन मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा जीं द्वारा मेला स्थल पर होगा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व महामहिम राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी द्वारा किया जाएगा।
महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों सहित अनेक मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण तथा प्रशासनिक अधिकारियों को उत्तरायणी मेले हेतु अतिथि एंव मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
पर्वतीय महापरिषद द्वारा विभिन्न विधाओं में पुरस्कार भी प्रदान किए जाते है। जिनमें पर्वत गौरव सम्मान 2025, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वीरता पुरस्कार, डॉं. एमसी पन्त चिकित्सा सम्मान, गोविन्द ंिसंह नयाल सामाजिक सेवा सम्मान, दीवान सिंह डोलिया लोक कला सम्मान, गोपाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, श्यामाचारण काला पत्रकारिता सम्मान, बीएम शाह नाट्य कला सम्मान, नितिशा नेगी क्रीड़ा सम्मान, गौरा देवी महिला सम्मान, युवा सम्मान, उत्तरायणी कौथिग विशेष सम्मान, रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान प्रमुख है। पर्वत गौरव सम्मान-2025 भगत सिंह कोश्यारी जी को दिया जा रहा है, जोकि प्रखर व जमीनी राजनीति के पुरोधा, स्वच्छ छवि के उत्तराखण्ड के गांधी के नाम से जाने जाते हैं।
रामलीला समिति महानगर के द्वारा मकर संक्रान्ति के अवसर पर लगभग 500 कलाकारों व कार्यकतार्ओं को खिचड़ी भोज के साथ पर्वतीय पकवान भी खिलाये जायेंगे।
मेले में गहत की दाल, पहाड़ी भट, बाल मिठाई, चुटुक (पहाड़ी कालीन) व औषधीय जड़ी-बूटीयों के स्टॉल सज चुके है। कार्यक्रम हेतु भव्य पाण्डाल एंव स्टेज बनकर तैयार हो गया है।

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