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बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान किया शुरू
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शिशु सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने की मुख्यमंत्री ने की अपील
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अब बुधवार और शनिवार के अलावा सोमवार को भी होगा टीकाकरण
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गोल्डन कार्ड से ‘आयुष्मान’ होगा हर पात्र
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आयुष्मान मित्र की जिम्मेदारी तय हो
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गोल्डन कार्ड से न छूटे कोई जरूरतमंद
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अगले 10 दिनों तक घर-घर टीबी मरीजों को ढूंढेगी सरकार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेशवासियों से शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को जनांदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक बचपन स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होगा तब तक सुनहरे उत्तर प्रदेश का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है, पर अब भी हमारे लिए यह एक बड़ी चुनौती है। हम इसे राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने के लिए हर कोशिश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यहां अपने सरकारी आवास पर कोविड संक्रमण काल में छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना के तहत छूटे हुए लाभार्थियों को ‘गोल्डन कार्ड’ वितरण और टीबी मरीजों की खोज के विशेष अभियान का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की हर प्रकार से सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार समर्पित है।
योगी ने कहा कि कोविड संक्रमण काल में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ज़रूरी टीकाकरण का काम रुक गया था। अब अभियान चला कर इसे पूरा किया जायेगा। नवंबर से अगले साल जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में प्रदेश के सभी ग्रामीण ब्लॉक व शहरी क्षेत्रों में लेफ्ट आउट एवं ड्रॉप आउट बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का काम अगले तीन महीनों तक बुधवार एवं शनिवार के साथ-साथ अब सोमवार को भी होगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में टीकों से छूटे हुए बच्चों को समस्त खुराकों से आच्छादित किया जाना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिये।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ की संकल्पना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको स्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए पीएम ने ‘आयुष्मान भारत’ जैसी बेहतरीन योजना शुरू की है। इससे छूटे जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना भी शुरू की गयी है।
इस योजना के लिए जरूरी ‘गोल्डन कार्ड’ हर जरूरतमंद को जरूर मिले, इसे प्रदेश सरकार सुनिश्चित करेगी। इसी कड़ी में आज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड विहीन 6,709 गांवों में लाभार्थियों का सत्यापन एवं गोल्डेन कार्ड वितरण कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि इस योजना में ‘आयुष्मान मित्र’ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी जिम्मेदारी तय की जाये। एक भी घर, जो पात्र हो, गोल्डन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के पांच लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके घर-परिवार की जानकारी लेते हुए पहले कार्ड क्यों नहीं बनने के बारे में भी पूछा।
इस मौके पर योगी ने टीबी मरीजों की खोज के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की। इसके तहत प्रदेश के 29 जिलों में 01 से 11 नवम्बर तक सक्रिय केस खोज अभियान चलाया जायेगा। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य छुपे हुए संभावित टीबी के रोगियों को उनके घरों से खोजना और उन्हें टीबी की जांच और उपचार सेवाओं से जोड़ने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टीबी को 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य प्रणाली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही सामाजिक सहभागिता , जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर काम किया जायेगा। 29 जिलों में अगले 10 दिनों तक चलने वाले इस एक्टिव केस फाइंडिंग कैम्पेन के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगभग 81 लाख आबादी में जहां क्षय रोगियों की संभावना ज्यादा है, घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों के बारे में बताएंगे, साथ ही, संदिग्ध रोगियों की पहचान कर उनकी निःशुल्क जांच व उपचार प्रदान किया जायेगा।
योगी ने इस काम में जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील भी की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के उद्देश्य के लिए विकसित फैक्ट शीट का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने अभियान की सफलता के लिए मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नवनिर्मित कल्चर एंड डीएसटी लैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश में एक नेशनल रिफरेन्स लेबोरेटरी (एनआरएल), दो इंटरमीडिएट रिफरेन्स लेबोरेटरी (आईआरएल), सात कल्चर एण्ड डीएसटीलैब के माध्यम से मल्टी ड्रग रेजिस्टेन्ट (एमडीआर) क्षय रोगियों का उपचार शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नवनिर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का लोकार्पण किया जा रहा है। इससे गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के ड्रग रेजिस्टेंट टीवी रोगियों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित की जा सकेगी।





