लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ जनित हादसों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 14 जिलों के 569 गांवों की लगभग एक लाख 60 हजार की आबादी इससे प्रभावित है। प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में स्वास्थ्य शिविर के आयोजन किये जाये और लोगों के लिए दवा व वैक्सीन की उचित व्यवस्था की जाये। ऐसे गांव जिनमें बाढ़ का पानी उतर गया है, उनमें दवाईयों के छिड़काव, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये हैं।
इन सबके बीच राहत भरी खबर यह है कि प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जिलों और गांवों की संख्या लगातार कम हो रही है। गोयल ने लोक भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि इस समय अब सिर्फ 14 जिलों के 569 गांव बाढ़ से प्रभावित है। मंगलवार को बाढ़ प्रभावित जिलों और गांवों की संख्या क्रमशः 16 और 644 थी। अब बाढ़ प्रभावित जिलों में आंबेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोंडा, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर और सीतापुर शामिल हैं।
गंगा बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बलिया में गंगा का स्तर लगातार बढ़ रहा है और गुरुवार सुबह तक एक मीटर से ऊपर हो जायेगा। नरोरा (बुलंदशहर), फतेहगढ़, कचला ब्रिज (बदायूं) और अंकिंघट (कानपुर देहात) में गंगा चेतावनी के स्तर और खतरे के निशान के बीच है।
लखीमपुर खीरी में शारदा का स्तर पलियाकला और शारदा नगर में घट कर चेतावनी और लाल निशान के बीच आ गया है। इसी तरह एल्गिन ब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार में घट कर चेतावनी और खतरे के निशान के बीच आ गया है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार यहां नदी का स्तर लगातार घट रहा है।
गोयल ने बाढ़ की स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में मौजूदा समय में में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के तहत 1,82,329 राशन किट और 3,27,291 मीटर तिरपाल बांटा जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 350 मेडिकल टीम लगायी गयी हैं।





