लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और परंपरागत उद्यमों को प्रगति पथ पर लाने के लिए हमने जापान, थाईलैंड, सिंगापुर आदि देशों में उनके यहां चल रहे कार्यक्रमों का अध्ययन करने के लिए टीम भेजी और उनसे जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1947 से 1950 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय से अधिक थी। यानी उत्तर प्रदेश देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक समृद्ध था और प्रदेश के नागरिक खुशहाल थे।उन्होंने एक अभिनव दृष्टि प्रस्तुत करने के लिए विभाग के मंत्री एवं प्रमुख सचिव को धन्यवाद दिया।
कहा कि यह अप्रोच हम हर क्षेत्र में प्रयोग कर सकते हैं।‘कौशल सतरंग’ योजना, प्रदेश की युवा ऊर्जा को स्वावलंबन व प्रदेश के विकास के साथ जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में एक अवसर मिलता है, लेकिन अवसर के पहले चुनौती होती है। चुनौती को अवसर में बदलने की कला जिसे आ जाए, वह सफल होता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के बाद देश में 11 करोड़ परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराया।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आए इस अभिनव बदलाव के कारण आज पूर्वी उप्र में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 90-95 प्रतिशत तथा बीमारी में 70-75 प्रतिशत की कमी आई है। माटी कला बोर्ड से जुड़े कारीगरों के कारण अयोध्या में ही हमें 5,51,000 दीपक उपलब्ध हुए। पहली बार दीपोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत 51,000 दीप जलाने के लिए पूरे प्रदेश से दीपक एकत्रित करने पड़े थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 के दीपोत्सव कार्यक्रम में 5,51,000 दीप जलाए जाने का निर्णय हुआ तो हमने तय किया कि सारे दीपक अयोध्या व आस-पास के जनपदों में ही बनाए जाएंगे।इलेक्ट्रिक चाक के माध्यम से कारीगरों की क्षमता में कई गुना वृद्धि हो जाएगी। इससे मिट्टी के बर्तनों के दाम भी कम होंगे, प्लास्टिक का एक नया विकल्प समाज के सामने आएगा और पर्यावरण का भी बचाव होगा।
‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना से मुजफ्फरनगर की नई पहचान बनाई गई। वहां पैदा होने वाले गन्ने से आज 118 किस्म का गुड़ बनाया जा रहा है। वहां से गुड़ बाहर निर्यात भी किया जाता है। इस योजना ने एक वर्ष में ही 5 लाख युवाओं को रोजगार और वित्तीय समावेशन के साथ जोड़ने का कार्य किया है। इस योजना से हमें उत्तम परिणाम मिले और उत्तर प्रदेश का निर्यात भी बढ़ा।
उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक निर्यात करने वाला राज्य बन सकता है। ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना ने हमें उस दिशा में एक विशेष पहचान दिलाई है।हमने परंपरागत उद्यम की मैपिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था बनाई और बजट में इसके लिए धनराशि की व्यवस्था की। इस क्षेत्र के उद्यमियों व कारीगरों की समस्याओं को समझा और उनका निस्तारण किया एवं उनका समर्थन किया।





