लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, विधानसभा परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी के विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सकारात्मक और सार्थक बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन के समय का बेहतर उपयोग हो और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो, इसके लिए उन्होंने सर्वदलीय बैठक में भी सभी सदस्यों से सहयोग का आग्रह किया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पिछले नौ वर्षों में छह करोड़ से अधिक गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर उनके जीवन स्तर में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधायिका रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इस सत्र में विपक्ष राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, बिजली संकट, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि “प्रभु राम के चढ़ावे पर डाका डाला गया है और यही हमारा पहला मुद्दा होगा।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की समस्याओं के साथ-साथ स्कूलों के बंद होने के मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
तीन दिवसीय सत्र पर भी उठे सवाल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने केवल तीन दिन का विधानसभा सत्र बुलाने पर सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि प्रदेश से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए।
पोस्टर और साइकिल के साथ विधानसभा पहुंचे ज़ाहिद बेग
समाजवादी पार्टी के विधायक ज़ाहिद बेग विधानसभा परिसर साइकिल से पहुंचे। उनके हाथ में राम मंदिर के चंदे में कथित गबन, ई-20 पेट्रोल और शिक्षा नीति से जुड़े पोस्टर थे। पोस्टर पर लिखा था, “भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया है हम राम को लाए, हम चंदे को खाएंगे।ज़ाहिद बेग ने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल वाहनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने 2020 की नई शिक्षा नीति को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों को कानूनी मामलों में उलझाकर परेशान करना बंद किया जाना चाहिए।
विपक्ष के प्रदर्शन पर बीजेपी का पलटवार
विधानसभा परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष केवल प्रदर्शन और नौटंकी करता है, जबकि प्रदेश के विकास और जनता की समस्याओं से उसका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और विपक्ष को सड़क के बजाय सदन के भीतर जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार रचनात्मक चर्चा चाहती है और लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत हर विषय पर जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।





