नई दिल्ली। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि यह उनके और उनके समर्थकों के लिए खुशी का दिन है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद ही इस मामले पर विस्तार से टिप्पणी करेंगे।
‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’
अदालत से राहत मिलने के बाद जब बृजभूषण शरण सिंह से उनकी राजनीतिक वापसी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, होइहि सोइ जो राम रचि राखा, यानी जो भगवान राम ने निर्धारित किया है, वही होगा।उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अदालत के विस्तृत फैसले को पढ़ने पर है और उसके बाद ही आगे की रणनीति या राजनीतिक भविष्य पर कोई टिप्पणी करेंगे।
‘अगर आरोप साबित होता तो सजा भुगतने को तैयार था’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी बेगुनाही का दावा किया था। उन्होंने कहा कि जब उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, तभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि अदालत में उन पर लगाया गया कोई भी आरोप साबित हो जाता है तो वे उसका परिणाम स्वीकार करेंगे।उन्होंने कहा,पहले दिन ही मैंने कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो गया तो मैं सबसे बड़ी सजा भुगतने को तैयार हूं। आज अदालत ने मुझे सम्मानपूर्वक बरी किया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए बेहद खुशी का दिन है।
‘मुझे न्याय मिलने का पूरा भरोसा था
बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी कानूनी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था।उन्होंने कहा, आज करीब तीन साल बाद अदालत ने मुझे और विनोद तोमर को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया। मैंने हमेशा कमजोर लोगों और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं दोषी हूं। मुझे पूरा भरोसा था कि मुझे न्याय मिलेगा।उन्होंने दावा किया कि वे जूनियर खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे और उन्हें खुशी है कि अंततः न्याय मिला।
किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा
अपने विरोधियों पर टिप्पणी करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह किसी के लिए कटु शब्द नहीं बोलना चाहते।उन्होंने कहा, मैं आज किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा, लेकिन सब जानते हैं कि किसने क्या किया है। अगर भगवान राम के खिलाफ मंथरा और कैकेयी ने षड्यंत्र नहीं किया होता तो भगवान राम केवल अयोध्या के राजा ही रह जाते।उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों के बाद कई लोग मानसिक दबाव में आकर टूट जाते हैं, लेकिन उन्हें शुरू से ही अपनी बेगुनाही का विश्वास था।लोग ऐसे मामलों में आत्महत्या कर लेते हैं, जहर खा लेते हैं, लेकिन मेरा संबल बना रहा। मेरे चेहरे की मुस्कान को लोग अहंकार समझते थे, जबकि मुझे और मेरे परिवार को सच पता था।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों के जरिए सरकार और उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करता रहा है।उन्होंने कहा,हमारा विपक्ष कभी महिलाओं के पीछे, कभी Gen-Z के पीछे और कभी एथेनॉल के पीछे रहता है। ये लोग हमेशा पीछे से वार करने का काम करते हैं।
बेटे कर्ण भूषण ने कहा- आज जश्न का दिन
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे कर्ण भूषण सिंह ने भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से न्याय हुआ है और पूरा परिवार इस निर्णय से संतुष्ट है।कर्ण भूषण ने कहा, आज न्याय मिला है, इसकी बहुत खुशी है। आज जमकर जश्न मनाया जाएगा। मीडिया भी आमंत्रित है। न्यायालय के फैसले से न्याय हुआ है।
क्या है मामला?
साल 2023 में छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए थे। इस मामले को लेकर देशभर में व्यापक राजनीतिक और खेल जगत में बहस छिड़ी थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की और मामला राउज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन रहा। करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के बाद सोमवार, 3 अगस्त 2026 को अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों से साबित नहीं कर सका। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और साक्ष्यों की कमी के आधार पर अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।





