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सूक्ष्म क्वांटम डॉट्स पर काम के लिए तीन वैज्ञानिकों को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों मौंगी बावेंडी, लुई ब्रूस और एलेक्सी एकिमोव को सूक्ष्म क्वांटम डॉट्स पर उनके काम के लिए देने की घोषणा की गई है। क्वांटम डॉट्स सूक्ष्म कण होते हैं जो बहुत चमकीले रंग
का प्रकाश छोड़ सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा जगत में इमेजिंग में इनका इस्तेमाल किया जाता है।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी आफ साइंसेज ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के मौंगी बावेंडीअ
कोलंबिया विश्वविद्यालय के लुई ब्रूस और नैनोक्रिस्टल टेक्नोलॉजी इंक के एलेक्सी एकिमोव को केवल कुछ परमाणुओं के व्यास वाले सूक्ष्म कणों पर उनके काम के लिए सम्मानित करने की घोषणा की।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी आफ साइंसेज ने कहा, इन सूक्ष्म कणों में विशिष्ट गुण होते हैं और आजकल टेलीविजन स्क्रीन
और एलईडी लैंप से रोशनी फैलाने में इस्तेमाल होते हैं। वे रासायनिक प्रतिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं और उनकी स्पष्ट रोशनी एक सर्जन के लिए ट्यूमर ऊतक को रोशन कर सकती है।

पुरस्कार प्रदान करने वाली नोबेल समिति की सदस्य पर्निला विटिंग स्टैफशेड ने कहा, यह क्यों मायने रखता है…इसलिए कि क्या हम ऐसे सूक्ष्म कण बना सकते हैं जिन्हें कोई नहीं देख सकता है, लेकिन उनमें रंग होते हैं? उन्होंने कहा, यह वास्तव में आज चिकित्सा और प्रौद्योगिकी दोनों क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है…टीवी पर, सेलफोन के डिस्प्ले में, जो चमकीले रंग बनाने के लिए अंदर क्वांटम डॉट्स का इस्तेमाल करते हैं।

सम्मानित किये जाने वाले वैज्ञानिकों के नाम के लीक होने का भी मामला सामने आया क्योंकि स्वीडिश मीडिया ने पुरस्कार की घोषणा से कुछ घंटे पहले विजेताओं के नाम की खबर प्रसारित की। अग्रिम सूचना गलती से जल्दबाजी में भेजी गई एक समाचार विज्ञप्ति से मिली थी। क्वांटम डॉट्स प्रकाशित होने या प्रकाश के संपर्क में आने पर नीले, लाल या हरे रंग में चमकते हैं। वे जो रंग उत्सर्जित करते हैं वह सूक्ष्म कणों के आकार पर निर्भर करता है। बड़े डॉट्स लाल चमकते हैं, और छोटे डॉट्स नीले रंग में चमकते हैं।

रंग परिवर्तन इस बात पर निर्भर करता है कि इलेक्ट्रॉन कम या ज्यादा सीमित स्थानों में कैसे कार्य करते हैं। भौतिकविदों ने 1930 के दशक में ही डॉट्स के इन रंग-परिवर्तन गुणों का पूर्वानुमान व्यक्त किया था, लेकिन अगले पांच दशकों तक प्रयोगशाला में विशिष्ट नियंत्रित आकार के क्वांटम डॉट्स बनाना संभव नहीं हो पाया।

एकेडमी ने कहा कि एकिमोव (78) और ब्रूस (80) प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रदूत रहे हैं, जबकि बावेंडी (62) को क्वांटम डॉट्स के उत्पादन में क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग पूर्ण कण उत्पन्न हुए। एकेडमी ने कहा कि अनुप्रयोगों में इस्तेमाल के लिए यह उच्च गुणवत्ता आवश्यक थी। आधिकारिक तौर पर तीन विजेताओं की घोषणा करने के बाद, एकेडमी के महासचिव हंस एलेग्रेन ने कहा कि स्वीडिश अकादमी इस बात की जांच करेगी कि जानकारी पहले ही कैसे सामने आ गई।

एलेग्रेन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, एक प्रेस विज्ञप्ति भेजी गई थी, जिसके कारण अभी ज्ञात नहीं हैं। हम यह जानने के लिए प्रयास कर रहे कि वास्तव में क्या हुआ था। यह बहुत दुर्भाज्ञपूर्ण है, जो हुआ उसका हमें अफसोस है। प्रत्येक पुरस्कार के लिए एक समिति पूरे वर्ष सिलसिलेवार बैठकों में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा करती है। प्रक्रिया के अंत में, समिति वोटिंग के लिए एकेडमी को एक या अधिक प्रस्ताव प्रस्तुत करती है। विजेताओं के अलावा नामित व्यक्तियों के नाम सहित विचार-विमर्श को 50 वर्षों तक गोपनीय रखा जाता है। बावेंडी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह आश्चर्यचकित, स्तब्ध, और बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, लोगों को 90 के दशक के मध्य में इसके निहितार्थों का एहसास हुआ कि कुछ वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग हो सकते हैं।

नामों का पहले ही खुलासा हो जाने के बारे में पूछे जाने पर बावेंडी ने कहा कि एकेडमी द्वारा सूचित किए जाने के बाद ही उन्हें पुरस्कार के बारे में पता चला। कोलंबिया में एमेरिटस प्रोफेसर ब्रूस ने कहा कि जब सुबह स्वीडिश एकेडमी से उन्हें सूचित करने के लिए फोन आया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, रात के समय फोन आया था, लेकिन मैंने इसका जवाब नहीं दिया क्योंकि मैं नींद लेने की कोशिश कर रहा था। आखिरकार जब ब्रूस सुबह 6 बजे उठे तो उन्होंने आनलाइन समाचार देखा। ब्रूस ने कहा, मैं निश्चित रूप से इसकी उम्मीद नहीं कर रहा था।

ब्रूस ने कहा कि रसायन विज्ञान के जिस क्षेत्र में वे काम करते हैं, उसे मान्यता मिलने से वह खुश हैं। उन्होंने कहा कि क्वांटम डॉट्स के व्यावहारिक अनुप्रयोग, जैसे फ्लैटस्क्रीन टीवी में रंग बनाना, कुछ ऐसी चीजें हैं जिनकी वह उम्मीद कर रहे थे जब उन्होंने दशकों पहले काम शुरू किया था। एकिमोव न्यूयॉर्क स्थित कंपनी नैनोक्रिस्टल टेक्नोलॉजी के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक हैं, जहां उन्होंने 1999 में काम करना शुरू किया था। स्वीडिश एकेडमी ने उन्हें 1980 के दशक की शुरुआत में यह प्रदर्शित करने का श्रेय दिया कि तांबे के क्लोराइड नैनोकणों का आकार कांच में रंगों को प्रभावित करता है।

मंगलवार को, भौतिकी का नोबेल पुरस्कार इस बार उन तीन वैज्ञानिकों को देने की घोषणा की गई है, जिन्होंने सेकेंड के सबसे छोटे हिस्से में परमाणुओं में इलेक्ट्रॉन की गतिविधियों का अध्ययन किया। अमेरिका में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के पियरे अगस्टीनी, जर्मनी में मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट आफ क्वांटम आप्टिक्स तथा लुडविग मैक्सिमिलियन यूनिवर्सिटी आफ म्यूनिक के फेंरेस क्रौस और स्वीडन स्थित लुंड यूनिवर्सिटी की एने लुइलिये को भौतिकी के क्षेत्र में योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सोमवार को, चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार काटालिन कारिको और ड्रयू वीसमैन को कोविड-19 से लड़ने के लिए एमआरएनए टीकों के विकास से संबंधित उनकी खोजों के लिए प्रदान करने की घोषणा की गयी।

रसायन विज्ञान के पुरस्कार की घोषणा का मतलब है कि नोबेल सत्र अपने आधे पड़ाव पर पहुंच गया है। इसके बाद नौ अक्टूबर तक साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के लिए पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। नोबेल फाउंडेशन ने इस साल पुरस्कार राशि 10 प्रतिशत बढ़ाकर 1.1 करोड़ क्रोनर (करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर) कर दी है।

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