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उनके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक और गरीबी उन्मूलन मात्र नारा
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ऐसे लोगों को पहचान कर सरकार कानून के अनुसार सख्ती से आयेगी पेश
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आमूल-चूल बदलाव से उत्तर प्रदेश के बारे में बाकी देश का नजरिया बदला
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भाजपा के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और राजनीति सेवा का जरिया
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विपक्ष के लिए राजनीति दुकानदारी है, पर इनके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे
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वे हर चीज़ को जाति, संप्रदाय, मजहब और क्षेत्र के चश्मे से देखते हैं
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्ष पर एक बार फिर हमला बोलते हुए कहा कि गरीबों की लाश पर राजनीति करने वाले कभी गरीबों के हितैषी नहीं हो सकते। दरअसल इन लोगों ने आजादी के बाद से गरीबों को का कभी भला चाहा ही नहीं। इनके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक रहा और गरीबी उन्मूलन नारा। आज भी इनकी मानसिकता जस की तस है। लिहाजा गरीबों की लाश पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे। ऐसे चेहरे बेनकाब हो रहे हैं। सरकार एक-एक को पहचानकर कर उनसे कानून के अनुसार बेहद सख्ती से पेश आयेगी।
मुख्यमंत्री ने यहां अपने सरकारी आवास पर बांगरमऊ (उन्नाव) विधानसभा उपचुनाव के लिए आयोजित बूथ, सेक्टर और मंडल के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सोच बिना भेदभाव के पूरी पारदर्शिता से सबकी तरक्की, सुरक्षा और सुशासन की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई और मार्गदर्शन में लगातार हम यह कर भी रहे हैं। पिछले छह सालों में देश में और करीब साढ़े तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र (बुनियादी संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी, निवेश आदि) में अभूतपूर्व विकास हुआ है। इस आमूल-चूल बदलाव से उत्तर प्रदेश के बारे में बाकी देश का नजरिया बदला है।
योगी ने कहा कि हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और राजनीति सेवा का जरिया है। विपक्ष के लिए राजनीति दुकानदारी है। अपनी दुकान चलाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। सीएए के विरोध से लेकर हाल की कुछ घटनाएं इसका सबूत हैं। वह हर चीज को जाति, संप्रदाय, मजहब और क्षेत्र के चश्मे से देखते हैं। समाज को बांटकर अपना वोट बैंक बनाये रखने के लिए ये कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं। पर इनके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव की धरती का पौराणिक महत्व है। चंद्रशेखर आजाद जैसे महान क्रांतिकारी, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जैसे महान रचनाकार की यह जन्मभूमि है। मां गंगा का सान्निध्य गौरव की बात है। ऐसे महान लोगों की धरती का होना और उनसे जुड़ना खुद में गौरव की बात है। संयोग से कुछ दिन पहले उन्नाव दौरे के दौरान आप में से कईयों से मेरी निजी मुलाकात भी हुई थी। कोरोना के कारण बदले हालात में खुद को बचाते हुए बूथों को केंद्र बनाकर सघन जनसंपर्क करें। आपकी जीत तय है।





