मुख्यमंत्री ने ‘सुदर्शन भारत परिक्रमा’ को झंडी दिखा किया रवाना , अदम्य साहस व शौर्य के लिए पूरे भारत में जाना जाता है एनएसजी : योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बुधवार को यहां ‘1090’ चौराहे पर ‘सुदर्शन भारत परिक्रमा’ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (ब्लैक कैट कार रैली) को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) अपने अदम्य साहस व शौर्य के लिए पूरे देश में जाना जाता है। देश की सुरक्षा, स्वाभिमान व सम्मान को बनाये रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एनएसजी ने सदैव संवेदनशील स्थिति में जब भी समाज में भय और असुरक्षा का माहौल रहा, तब वहां सुरक्षा व राहत देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त, 2022 को जब देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, तब हर देशवासी के लिए वह अत्यंत गौरव का वर्ष होगा। आजादी की कीमत क्या होती है, यह वर्तमान पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आजादी अचानक नहीं मिली है। इसके लिए अनगिनत बलिदान दिये गये हैं। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में आजादी के अमृत महोत्सव को पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है। समाज का हर वर्ग इससे जुड़ा है। देश को लंबे संघर्ष और आंदोलनों के बाद 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली। देश की स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाये रखने में पैरामिलिट्री, आर्म्ड फोर्स व सिविल पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सशस्त्र सेना बल (एसएसबी) का एक दल प्रदेश आया था, जिसका उन्हें स्वागत करने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा 2 अक्टूबर को ‘सुदर्शन भारत परिक्रमा’ का शुभारंभ लाल किला, दिल्ली से किया गया। उन्होंने कहा कि यह रैली 3 अक्टूबर को आगरा पहुंची। यह रैली आज लखनऊ से वाराणसी को प्रस्थान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अध्यात्मिक गौरव की वृद्धि में यूपी का महत्वपूर्ण योगदान है। यूपी देश की स्वाधीनता आंदोलन का प्रमुख केंद्र बिंदु भी रहा है। प्रदेश में प्रथम स्वातंत्र्य संग्राम की अलख बलिया, गोरखपुर, मेरठ में जली थी। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष को विस्मृत नहीं किया जा सकता है। मंगल पाण्डेय के नेतृत्व में 1857 में प्रथम स्वातंत्र्य संग्राम का बिगुल बजाया गया था। उन्होंने कहा कि मेरठ में धनपाल सिंह कोतवाल के नेतृत्व में ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी गयी थी। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है।
4 फरवरी, 1922 को गोरखपुर के चौरी-चौरा में देश की स्वाधीनता के लिए स्थानीय नागरिकों, किसानों व श्रमिकों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया था। प्रदेश सरकार ने अमृत महोत्सव और चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव को एक साथ जोड़ते हुए यह व्यवस्था बनायीं है कि इन दोनों आयोजनों से जुड़े प्रदेश के हर शहीद स्थल व स्वाधीनता से जुड़े पवित्र स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जायें।





