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युवा पीढ़ी तो निगल रहा है नशा, लें नशा न करने का संकल्प
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि समाज को अच्छी तरह से चलाने के लिए हमारे पूर्वजों ने चार आश्रमों की व्यवस्था दी थी। उन्होंने दैनिक जीवन को सुचारु रखने के लिए कुछ नियम, आदर्श और नैतिक मूल्यों की स्थापना की थी। इन्हीं व्यवस्थाओं और मूल्यों के तहत आचरण किया जाता था। समय के साथ अलग-अलग व्यवस्थाएं हावी होती गयीं, जिससे सामाजिक मूल्यों में गिरावट आयी। इस गिरावट के चलते समाज में नशे की आदत बीमारी की तरह फैलने लगी।
मुख्यमंत्री ने यह विचार यहां ‘नशा मुक्त समाज आन्दोलन’ के पहले संकल्प समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी को नशा निगल रहा है। नशा करने वाले युवक न केवल अपना नुकसान कर रहे हैं, बल्कि वह समाज व राष्ट्र का भी नुकसान कर रहे हैं। समाज के हर जागरूक नागरिक का यह दायित्व बनता है कि वह नशामुक्ति अभियान के साथ न सिर्फ जुड़े बल्कि पूरा योगदान दे।
योगी ने कहा कि जब तक लोगों के मन में यह भाव पैदा न हो कि उन्हें नशे से दूर रहना है, तब तक नशे से मुक्ति संभव नहीं है। समाज को नशे से बचाने के लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका तय करनी होगी, तभी समाज से नशे जैसी बुराई को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हर युवा को यह संकल्प लेना होगा कि न तो वह खुद नशा करेगा और न ही किसी अन्य को ऐसा करने देगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वह अपना भविष्य सुरक्षित करें, और नशे से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का यह दायित्व है कि वे युवा पीढ़ी को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करें, और इस बुरी आदत को छोड़ने के लिए प्रेरित करें। नशामुक्ति अभियान स्वतः स्फूर्त आन्दोलन की तरह चलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में युवा पीढ़ी की नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रवृत्तियां देश की दिशा तय करती हैं। नशा समाज को नष्ट करता है। नशे के उन्मूलन के लिए हम सब को संकल्प लेना होगा। नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
योगी ने कहा कि जागरूकता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। नशा व्यक्ति के विवेक को हर लेता है, सोचने, समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। जागरूक बनाने से लोग नशे से बचेंगे। युवा पीढ़ी को विभिन्न प्रकार के नशों के सेवन से होने वाले नुकसान के विषय में भी आगाह करना होगा। नशे से परिवार के परिवार बिखर जाते हैं। नशा अनेक अपराधों को जन्म देता है। परिवारों की आर्थिक स्थिति को जर्जर कर देता है।





