- वैश्विक मंच पर चमका यूपी, हर घर रोशनी की सरकार की नीति को मिली अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता
- ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा के नेतृत्व में विद्युत व्यवस्था बनी देश में मिसाल
- उत्पादन, ट्रांसमिशन और तकनीक के संगम से बदली प्रदेश की ऊर्जा तस्वीर
लखनऊ। NASA द्वारा जारी वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश का दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में प्रमुखता से उभरना प्रदेश की विद्युत व्यवस्था के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह केवल रोशनी का आंकलन नहीं, बल्कि प्रदेश में बिजली की पहुंच, विश्वसनीयता और व्यापकता का अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा उपलब्धता के मामले में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।
इस वैश्विक मान्यता के पीछे प्रदेश सरकार की सतत प्रतिबद्धता और नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा के नेतृत्व में किए गए व्यापक सुधारों की अहम भूमिका रही है। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में विद्युत उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि की गई है, जिससे बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। साथ ही, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्रोतों से बिजली की उपलब्धता को भी मजबूत किया गया है। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की तीसरी इकाई का सफल सिंक्रनाइजेशन इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली में अभूतपूर्व सुधार करते हुए प्रदेश में नई उपकेंद्रों की स्थापना, जर्जर लाइनों का आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है। इससे न केवल बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध हुई है, बल्कि लाइन लॉस में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है।
मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व और ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा के मार्गदर्शन में अनेक सुधारों को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता सुविधा में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। उपभोक्ताओं को अब अपनी बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी मिल रही है, वहीं विद्युत चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।प्रदेश में आज “सबको बिजली, पर्याप्त बिजली और गुणवत्तापूर्ण बिजली” का संकल्प साकार होता दिखाई दे रहा है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने से कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र को नई गति मिली है।
NASA का यह आकलन उत्तर प्रदेश की ऊर्जा नीति, प्रबंधन क्षमता और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण की वैश्विक स्वीकृति है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करती है।





