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सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को , नहीं लगेगा सूतक काल

लखनऊ। सूर्य ग्रहण को लेकर हर बार लोगों में अलग तरह की दिलचस्पी देखने को मिलती है। कोई इसे खगोलीय घटना के तौर पर समझना चाहता है तो कोई इसके धार्मिक और ज्योतिषीय पहलू को जानने में रुचि रखता है। सीधी बात करें तो सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी को ढक लेता है। इस वजह से दिन में भी रोशनी कम हो जाती है और माहौल थोड़ा अलग महसूस होता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। इसका समय रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। समय भारत के अनुसार है, लेकिन यह ग्रहण यहां दिखाई नहीं देगा। वजह यह है कि जब ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में रात होगी। सूर्य दिखाई नहीं देगा, इसलिए ग्रहण भी नजर नहीं आएगा। यही कारण है कि भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं माना जाता।

कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?-
आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड और आइसलैंड में इसे साफ देखा जा सकेगा। उत्तरी स्पेन और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में भी यह नजर आएगा। इसके अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में यह आंशिक रूप में दिखाई दे सकता है।

ग्रहण को लेकर परंपराएं
ग्रहण को लेकर कई तरह की परंपराएं भी चली आ रही हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि इस दौरान खाना नहीं खाना चाहिए। कुछ लोग ग्रहण से पहले ही भोजन बनाकर रख लेते हैं और ग्रहण खत्म होने के बाद ही खाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि ग्रहण के समय बना भोजन अच्छा नहीं माना जाता। हालांकि इस बात को लेकर अलग-अलग राय भी है।
कुछ लोग ग्रहण के दौरान सोने से बचते हैं और ध्यान या मंत्र जाप करना ठीक मानते हैं। उनका मानना है कि इससे मन शांत रहता है। गर्भवती महिलाओं को लेकर भी अक्सर सावधानी बरतने की बात कही जाती है। आम तौर पर उन्हें घर के अंदर रहने और तेज या नुकीली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। हालांकि ये सभी बातें परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित हैं।

भारत में सूतक का असर नहीं होगा
12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सीधा असर नहीं माना जाएगा। फिर भी, लोग इसे लेकर जानकारी रखना पसंद करते हैं और अपने हिसाब से सावधानियां अपनाते हैं।

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