पूर्व प्रधानमंत्री अटल की पैतृक भूमि को वैश्विक मानचित्र पर मिलेगी विशिष्ट पहचान
आगरा। योगी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध आगरा के ‘बटेश्वर धाम’ को आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत 71.50 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बटेश्वर धाम में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। श्रद्धालुओं और देश- विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस परिसर को बेहद आधुनिक रूप दिया जा रहा है। विजिÞटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र के तहत यहाँ विशाल पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय और महिला व पुरुष आगंतुकों के लिए करीब 20 कमरों की क्षमता वाले अलग- अलग सर्वसुविधायुक्त डॉरमेट्री का निर्माण किया जा रहा है।
इसके साथ ही पर्यटकों के लिए आधुनिक कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, सोवेनियर शॉप और बच्चों के मनोरंजन के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव जोन तैयार किया जा रहा है। पर्यटक यहां के शांत और रमणीय वातावरण का आनंद ले सकें, इसके लिए ओपन सीटिंग एरिया सहित एक आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र भी बनाया जाएगा। आध्यात्मिकता और संस्कृति के इस अनूठे संगम में पर्यटकों को आधुनिक तकनीक से जुड़ा एक बेहद अद्भुत अनुभव मिलेगा। यहां विकसित की जा रही इंटरैक्टिव गैलरी और थीम आधारित आकर्षण श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक विरासत के करीब लाएंगे।
अलग-अलग गैलरी में चारों वेदों और शिव पुराण की पावन कथाओं को अत्याधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। ‘चार धाम गैलरी’ और ‘समुद्र मंथन गैलरी’ बनाई जा रही हैं। शिव सहस्रनाम खंड में भगवान शिव के विविध स्वरूपों और उनकी महिमा को प्रदर्शित करने के लिए विशेष थीम आधारित इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे। ‘सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र’ के समीप भगवान शिव की ध्यानमग्न मुद्रा में एक भव्य और विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता को नया विस्तार देते हुए इस परियोजना के अंतर्गत पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) को समर्पित एक भव्य ‘पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन’ विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के पवित्र 12 ज्योतिलिंर्गों की सुंदर प्रतिकृतियों से सुसज्जित ‘शिवलिंगम पार्क’ और यमुना नदी व भगवान शिव के प्राचीन आध्यात्मिक संबंध को दशार्ने वाला मनमोहक ‘कालिंदी वनम’ भी तैयार किया जा रहा है।
इस परिसर की भव्यता को संपूर्णता देने के लिए सेवा के प्रतीक भगवान नंदी की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बटेश्वर धाम का यह समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। ‘हेरिटेज रिवाइवल कॉरिडोर’ के रूप में परिकल्पित यह परियोजना बटेश्वर की प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं से जोड़ेगी।





